
बुहाना नगर पालिका के उपाध्यक्ष महेश कुमार. Photo- Patrika
Jhunjhunu Politics: बुहाना। बुहाना नगर पालिका के उपाध्यक्ष चुनाव में मंगलवार को सियासी ड्रामा देखने को मिला। पाला बदलने की राजनीति के बीच मुकाबला इतना कांटे का रहा कि दोनों प्रत्याशियों को 10-10 वोट मिले। इसके बाद लॉटरी से उपाध्यक्ष पद का फैसला हुआ।
किस्मत ने कांग्रेस समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी महेश कुमार का साथ दिया और पर्ची निकलते ही उन्हें नगर पालिका का उपाध्यक्ष घोषित कर दिया गया। 20 वार्डों वाली नगर पालिका में चुनाव नतीजों के बाद भाजपा के 9, कांग्रेस के 8 और 3 निर्दलीय पार्षद चुने गए थे।
संख्या बल के लिहाज से भाजपा बढ़त में थी। उपाध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा ने कांग्रेस के सिंबल पर जीतकर आए पार्षद सुनील कुमार को अपना प्रत्याशी बनाया।
वहीं कांग्रेस ने निर्दलीय पार्षद महेश कुमार को अपने समर्थन से मैदान में उतारा। दिनभर चले सियासी घटनाक्रम के बाद पुलिस-प्रशासन की कड़ी सुरक्षा के बीच निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण पदाधिकारी एवं एसडीएम शकुंतला की देखरेख में मतदान कराया गया।
मतगणना हुई तो दोनों प्रत्याशियों को बराबर 10-10 वोट मिले। बराबरी के कारण उपाध्यक्ष पद का फैसला लॉटरी से करने की स्थिति बनी। एसडीएम शकुंतला ने नियमानुसार लॉटरी निकाली। पर्ची में महेश कुमार का नाम निकलते ही उन्हें बुहाना नगर पालिका का उपाध्यक्ष घोषित कर दिया गया। परिणाम सामने आते ही कांग्रेस समर्थकों में खुशी का माहौल बन गया।
उपाध्यक्ष चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा पार्षद सुनील कुमार के पाला बदलने की रही। कांग्रेस के सिंबल पर चुनाव जीतने के बाद भाजपा ने उन्हें अपना उप प्रधान प्रत्याशी बनाया। इसके जवाब में कांग्रेस ने निर्दलीय पार्षद महेश कुमार को अपने पाले में कर चुनाव मैदान में उतारा।
दोनों खेमों की रणनीति के बीच मुकाबला बराबरी पर पहुंचा और अंततः फैसला लॉटरी से हुआ। चुनाव प्रक्रिया को लेकर पालिका परिसर में दिनभर राजनीतिक हलचल बनी रही। सुरक्षा के मद्देनजर पालिका परिसर के बाहर पुलिस बल तैनात रहा।
बुहाना नगर पालिका के पहले अध्यक्ष पद का चुनाव सोमवार को उस वक्त रोमांचक हो गया, जब कांग्रेस और भाजपा के प्रत्याशियों को बराबर 10-10 मत मिले। दोनों पक्ष बराबर रहने पर निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी शकुंतला ने नियमानुसार लॉटरी से अध्यक्ष पद का निर्णय किया। लॉटरी से वार्ड संख्या 15 से जीतकर आईं भाजपा प्रत्याशी मंजूबाला को विजेता घोषित किया गया।
मंजूबाला स्नातक गृहिणी हैं। लॉटरी में भाजपा प्रत्याशी मंजूबाला का नाम निकलते ही भाजपा खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई। अध्यक्ष पद के लिए भाजपा ने पार्षद मंजूबाला को मैदान में उतारा था, जबकि कांग्रेस ने निर्दलीय चुनाव जीतकर आए सुधीर कुमार को अपना प्रत्याशी बनाया था। मतदान से पहले दोनों ही खेमों ने अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जे के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी।
पार्षदों को अपने पाले में रखने के लिए पिछले कई दिनों से जोड़-तोड़ की राजनीति चल रही थी। नगर पालिका के 20 वार्डों में हुए चुनाव में कांग्रेस के आठ, भाजपा के नौ और तीन निर्दलीय पार्षद जीतकर आए थे। अध्यक्ष पद के लिए बहुमत का आंकड़ा 11 था। मतदान के बाद जब मतगणना हुई तो दोनों प्रत्याशियों को 10-10 मत मिले। किसी भी प्रत्याशी को बहुमत नहीं मिलने के साथ ही मुकाबला बराबरी पर अटक गया।
इसके बाद लॉटरी से निर्णय कराने की नौबत आ गई। कांग्रेस के टिकट पर जीतकर आए पार्षद सुनील कुमार मतदान के दौरान भाजपा खेमे के साथ नजर आए। नगर पालिका के पहले अध्यक्ष के चुनाव को लेकर पिछले कई दिनों से बुहाना की राजनीति में हलचल मची हुई थी। पार्षदों को साधने, समर्थन जुटाने और अपने खेमे को मजबूत करने के लिए दोनों दलों के नेताओं ने रणनीति बनाई। चुनावी गणित में भाजपा के नौ और कांग्रेस के आठ पार्षद होने के बावजूद तीन निर्दलीयों की भूमिका निर्णायक मानी जा रही थी।
मतदान के बाद स्थिति 10-10 पर बराबर हुई तो आखिरकार पूरी सियासी कवायद का निर्णय एक पर्ची ने किया। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी शकुंतला ने बताया कि नगर पालिका चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस-भाजपा प्रत्याशी को 10-10 मत प्राप्त हुए। बराबरी की
स्थिति में लॉटरी के माध्यम से निर्णय किया गया, जिसमें भाजपा प्रत्याशी मंजूबाला विजेता रहीं। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष पद का चुनाव शांतिपूर्वक सम्पन्न हुआ।
Updated on:
22 Sept 2026 05:55 pm
Published on:
22 Sept 2026 05:44 pm
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