
झुंझुनूं। लोगों के बीच अपनी कार के लिए वीआईपी नंबर लेने की होड़ बढ़ती जा रही है। चाहे फिर उस नंबर की कीमत कितनी भी ज्यादा क्यों न हो। राजस्थान के झुंझुनूं में भी कुछ ऐसा ही हुआ। जिला परिवहन कार्यालय में 10 लाख 65 हजार की गाड़ी के लिए आठ लाख 65 हजार रुपए में 0001 नंबर खरीदा गया।
प्रतिद्वंदी ने लगाई 8.55 लाख रुपए की बोली
बाेली लगाने वाले जाखड़ा (चिड़ावा) निवासी आर्मी में कांट्रेक्टर सुभाष जाखड़ हैं। उनके पास पहले भी तीन गाडिय़ां हैं। तीनों के ही 0001 नंबर है। करीब पौने घंटे चली बोली में RJ-18 CE-0001 नंबर के लिए निर्धारित राशि से आठ गुना ज्यादा राशि तय हुई। सुभाष जाखडा़ की ओर से बोली में बैठे उनके भाई रोहिताश्व ने यह नंबर अपनी गाड़ी के लिए खरीद लिया। प्रतिद्वंदी मनोज सोनी ने 8.55 लाख रुपए की बोली लगाई थी। इससे पहले शेखावाटी में ही एक आैर नंबर काे लाखाें रुपए में खरीदा गया था।
पहले भी लाखाें में खरीदे गए VIP नंबर
सीकर परिवहन कार्यालय में कार के पंजीकरण के लिए नई श्रृंखला आरजे- 23 सीडी में वीआईपी नंबर 001 के लिए बोली लग रही थी। लगभग आधा दर्जन कार मालिक यहां बोली लगाने के लिए आए थे। बोली 11,000 रुपए से शुरु हाेकर और 6.51 लाख रुपए पर खत्म हुर्इ। वीआर्इपी नंबर काे सुभाष कॉलोनी के बेगराज बुग्रक ने लिया। बता दें कि 6.51 लाख रुपए के अलावा बोली के आवेदन के लिए उन्होंने 1.11 लाख रुपए का डिमांड ड्राफ्ट भी लिया था।
इसके अलावा बुद्रक को अपने वाहन के पंजीकरण के लिए 50,000 रुपए भी खर्च करने पड़े। अगर पंजीकरण की राशि को हटा दिया जाए तो VIP नंबर के लिए बुग्रक को कुल 7.62 लाख रुपये खर्च करने पड़े। बुद्रक ने जिस कार के लिए वीआईपी नंबर खरीदा उसकी कीमत है 8.14 लाख रुपए थी। बुद्रक ने वीआईपी नंबर खरीदने के लिए लगाई गई बोली का पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पिछली बार एक वीआईपी नंबर की बोली 6.21 लाख रुपए में लगी थी, जो कि मर्सिडीज कार के लिए खरीदा गया था। उस गाड़ी की कीमत 57.64 लाख रुपए थी।