मटकों में सीमेंट भरकर वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता की तैयारी करती यह तस्वीर कंचन गुर्जर की है। जिले के उदयपुरवाटी उपखंड के मंडावरा गांव की ढाणी गराटियों के निवासी कंचन के पिता कालूराम गुर्जर और मां शांति देवी मेहनत मजदूरी करते हैं।
अरुण कुमार शर्मा
पचलंगी/झुंझुनूं/पत्रिका। मटकों में सीमेंट भरकर वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता की तैयारी करती यह तस्वीर कंचन गुर्जर की है। जिले के उदयपुरवाटी उपखंड के मंडावरा गांव की ढाणी गराटियों के निवासी कंचन के पिता कालूराम गुर्जर और मां शांति देवी मेहनत मजदूरी करते हैं। माता-पिता इतना ही कमा पाते हैं, जिससे घर का खर्च चल सके। बेटी कंचन को खेलों से लगाव है, लेकिन माता-पिता उसे खेलों की प्रेक्टिस करने के लिए संसाधन उपलब्ध नहीं करा पाते। ऐसे में कंचन मटकों में सीमेंट भरकर वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता की तैयारी करती है।
घर पर ही करती है अभ्यास
बीए की पढ़ाई कर रही कंचन ने कबड्डी में कई पदक जीते। बाद में वेटलिफ्टिंग की तैयारी की। घर में रखे मटकों में सीमेंट भरकर वेटलिफ्टिंग की तैयारी शुरू की। उसने वेटलिफ्टिंग में भी कई पदक जीते हैं। उसका सपना ओलंपिक में पदक जीतने का है। कंचन अपने घर पर ही कोच सुरेश कुमावत के मिले दिशा-निर्देशों पर वेटलिफ्टिंग की तैयारी कर रही है।
कच्चे मकान में रह रहा कंचन का परिवार
कंचन का कहना है कि वह गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहेे हैं। लेकिन उन्हें बीपीएल का लाभ नहीं मिल पा रहा। उनके कोई पक्का मकान भी नहीं है। वह कच्चे मकान में रहकर ही जीवन यापन कर रहे हैं।
यह जीते पदक
कंचन ने साल 2018 में जिला स्तर पर कबड्डी में रजत और 2019 में स्वर्ण पदक जीता। इसके बादसाल 2022 में राज्य स्तर पर वेटलिफ्टिंग में कांस्य पदक और 2023 में जिला स्तर पर वेटलिफ्टिंग में स्वर्ण पदक जीता। इसके अलावा 2023 में खेलो इंडिया 10 का दम 10 सिटी 10 खेल में वेट लिफ्टिंग में कांस्य पदक जीता।