राजस्थान के झुंझुनूं जिले के हंसासर गांव के रहने वाले जयसिंह बाबल को 27 जुलाई 2024 को नई दिल्ली में आयोजित सीआरपीएफ के स्थापना दिवस समारोह में सम्मानित किया गया।
जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले के नायरा गांव में जैश ए मोहम्मद के चार आतंकियों को अपनी टीम के साथ संयुक्त अभियान में मार गिराने वाले सीआरपीएफ के अधिकारी जयसिंह बाबल को वीरता के लिए पुलिस पदक से सम्मानित किया गया। राजस्थान के झुंझुनूं जिले के हंसासर गांव के रहने वाले बाबल को सम्मानित किए जाने की पंद्रह अगस्त 2023 को भारत के राष्ट्रपति ने घोषणा की थी। अब 27 जुलाई 2024 को नई दिल्ली में आयोजित सीआरपीएफ के स्थापना दिवस समारोह में गृह सचिव अजय कुमार ने यह सम्मान प्रदान किया। बहन सुनीता बाबल ने बताया कि पिता इंद्राज सिंह चौधरी भी सेना में सेवा दे चुके। जयसिंह ब्लैक कैट कमांडो भी रह चुके। उनको तीन बार महानिदेशक एनएसजी, एक बार महानिदेशक त्रिपुरा पुलिस, एक बार महानिदेशक जेके पुलिस व तेरह बार महानिदेशक सीआरपीएफ सम्मानित कर चुके। इनके अलावा भी कई सम्मान मिल चुके।
जय सिंह ने बताया कि 29 जनवरी 2022 को जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले के नायरा गांव में जैश ए मोहम्मद आतंकी संगठन के चार खूंखार आतंकियों के एकत्रित होने की सूचना मिली थी। शाम को लगभग 5 बजे गांव की घेराबंदी करके तलाशी अभियान शुरू किया गया। अपने आप को घिरता देखकर आतंकियों ने सुरक्षा बलों को लक्ष्य बनाकर अत्याधुनिक हथियारों से अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। इस घटना से विचलित हुए बिना जयसिंह उनकी टीम के सदस्यों ने अदम्य शाहस का परिचय देते हुए चारों आतंकियों को मार गिराया। मरने वालों में एक जहूर मंजूर वानी उर्फ जहूर टाइगर करीमाबाद गांव का रहने वाला था। वह एए श्रेणी का आतंकी था तथा जैश ए मोहम्मद का जिला कमांडर भी था।