
झुंझुनूं. राजस्थान के झुंझुनूं जिले के कुमावास गांव की बेटी हैपी कुमारी खीचड़ ने प्रदेश का नाम रोशन किया है। हैपी वुमेंस प्रीमियर लीग (WPL) में खेलने वाली राजस्थान की पहली खिलाड़ी बन गई हैं। उन्हें गुजरात जायंट्स ने अपनी टीम में शामिल किया है। हैपी शुरुआत में एक बेहतरीन एथलीट थीं। वर्ष 2023 में स्टेट एथलेटिक चैंपियनशिप में उन्होंने कांस्य पदक जीता था। उनकी तेज रफ्तार दौड़ को देखकर क्रिकेट कोच अजय कुमार ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और क्रिकेट में आने की सलाह दी। शुरुआत में परिवार इसके लिए तैयार नहीं था, लेकिन समझाने के बाद परिजनों ने सहमति दी। इसके बाद हैपी ने क्रिकेट को ही अपना लक्ष्य बना लिया।
स्थानीय स्तर पर अभ्यास के दौरान हैपी अक्सर लड़कों के साथ क्रिकेट खेलती थीं। उनकी मध्यम तेज गेंदबाजी इतनी धारदार थी कि कई बार कुछ ही सेकंड में बल्लेबाजों की गिल्लियां बिखर जाती थीं। यहीं से उनकी अलग पहचान बनी और फिर उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
हैपी अब तक कई बड़े मंचों पर अपनी प्रतिभा दिखा चुकी हैं :
-दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अंडर-19 ट्राएंगुलर सीरीज़
-बीसीसीआई एमर्जिंग टूर्नामेंट
-एसजीएफआई अंडर-19 नेशनल (बेस्ट प्लेयर)
-बीसीसीआई नेशनल क्रिकेट एकेडमी में कई बार प्रशिक्षण
-इसके साथ ही वह अंडर-19 टीम की कप्तानी भी कर चुकी हैं।
जन्म: 3 फरवरी 2007, कुमावास गांव, झुंझुनूं
खेल शैली: दाएं हाथ की मध्यम तेज गेंदबाज, दाएं हाथ की बल्लेबाज
ताकत: सटीक लाइन-लेंथ और विकेट लेने की क्षमता
डब्ल्यूपीएल में कीमत: 10 लाख रुपए (बेस प्राइस)
छोटे से गांव से निकलकर डब्ल्यूपीएल तक का सफर तय करने वाली हैपी कुमारी खीचड़ आज हजारों लड़कियों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। उनका चयन न सिर्फ झुंझुनूं बल्कि पूरे राजस्थान के लिए गर्व का क्षण है।
Updated on:
21 Jan 2026 12:29 pm
Published on:
21 Jan 2026 12:28 pm

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