
झुुंझुनूं. वीरों और उद्यमियों की धरती शेखावाटी को देश की राजनीति में पहचान पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने दी है। झुंझुनूं से उनका गहरा नाता रहा है। वे कई बार झुंझुनूं आए थे। उन्होंने दो मई 1982 को उदयपुरवाटी में किसान सभा को सम्बोधित किया था। इससे पहले सत्तर के दशक में भी वे झुंझुनूं दौरे पर आए थे।
सेठ मोतीलाल कॉलेज के सामने खेल मैदान में 1998 में अटल बिहारी ने भाजपा प्रत्याशी गूल मोहम्मद मंसुरी की चुनावी सभा को सम्बोधित किया था। इसके अलावा वे जिले के नवलगढ़ समेत कई इलाकों में प्रत्याशियों के समर्थन में सभा की।
पूर्व उप राष्ट्रपति भैरोसिंह शेखावत के साथ वाजपेयी की दोस्ती जग जाहिर है। इसी दोस्ती में वाजयेपी के सहयोग के चलते शेखावत देश के दूसरे सर्वोच्च पद तक पहुंचे। यहां तक की वर्ष 1990 में प्रदेश में भैरोसिंह शेखावत सरकार पर संकट आया तो वाजपेयी जयपुर आ गए। सरकार के विश्वास मत प्राप्त करने तक वाजपेयी सदन में रहे।
आठ बार रही सीकर यात्रा, झुंझुनूं भी आए
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का शेखावाटी क्षेत्र से कितना गहरा नाता था। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि वाजपेयी अपने जीवन काल में आठ बार सीकर आए। पूर्व उप राष्ट्रपति शेखावत के नजदीकी रहे भाजपा नेता रिछपाल कविया बताते हैं कि काठमांडू के नारायणी पैलेसे में जब राजा ज्ञानेन्द्र ने उन्हें सीकर के लड्डू खिलाए गए तो इसका जिक्र उन्होंने अपने मुंह से किया था।
वाजपेयी ने सीकर की राजकुमारी और नेपाल की युवरानी हिमानी सिंह से भी सीकर को लेकर चर्चा की। कविया बताते हैं कि शेखावत और वाजपेयी में गहरी मित्रता थी। दोनों ने कभी एक दूसरे की कभी बात नहीं काटी।
इस तरह बढ़ाया राजनीति में मान
वाजपेयी का जनसंघ के समय से शेखावाटी से जुड़ाव रहा है। सीकर के रामलीला मैदान में आयोजित पार्टी के प्रदेश स्तरीय अधिवेशन में वाजपेयी ने एक घंटे धारा प्रवाह भाषण दिया था। जानकार बताते हैं कि लेकिन वर्ष 1989 और वर्ष 1999 में लोकसभा प्रत्याशी रहे चौधरी देवीलाल और सुभाष महरिया के समर्थन में की गई सभा क्षेत्र के लिए यादगार बन गई।
दोनों चुनावी सभा के बाद पूर्व लोकसभा अध्यक्ष व केन्द्रीय मंत्री रहे बलराम जाखड़ को सीकर में हार का सामना करना पड़ा। चौधरी देवीलाल चुनाव जीतने के बाद उप प्रधानमंत्री बने और सुभाष महरिया को केन्द्र में ग्रामीण विकास राज्य मंत्री का पद मिला। हालांकि महरिया बदली हुई परिस्थितियों में सुभाष महरिया अब कांग्रेस के साथ है।
जाट समाज को भाजपा से जोड़ा
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने सीकर की धरती से ही जाट समाज को भाजपा से जोडऩे का कार्य किया। ओबीसी में आरक्षण के लिए चल रहे आंदोलन के बीच वाजपेयी ने सीकर के रामलीला मैदान में 13 अक्टूबर, 1999 में हुई चुनावी सभा में कहा कि खेतीबाड़ी करने वाली सभी जातियों के साथ जाट जाति को भी उनकी सरकार बनेगी तो आरक्षण का लाभ दिया जाएगा।पूर्व मंत्री सुभाष महरिया का कहना है कि वाजपेयी ने इस निर्णय को 20 अक्टूबर को ही लागू कर दिया।
वीर पुत्रों की धरती
पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी ने शेखावाटी क्षेत्र को हमेशा अपने संबोधन में वीर पूत्रों की धरती कहा है। उन्होंने यहां के उद्यमियों और भामाशाहों को भी हमेशा सम्मान दिया। शिक्षा क्षेत्र में बिड़ला परिवार की ओर से पिलानी में किए गए कार्यों कीभी वाजपेयी ने सराहना की।
झुंझुनूं में चुनावी सभा को संबोधित किया था अटल बिहारी ने
पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का झुंझुनूं से भी नाता रहा है। उन्होंने सन 1998 में विधानसभा चुनाव के दौरान झुंझुनूं से प्रत्याशी रहे गूल मोहम्मद मंसूरी की सभा को संबोधित किया। सेठ मोतीलाल पीजी कॉलेज के सामने खाली पड़े मैदान में चुनावी सभा को संबोधित करने के बाद वे चूरू के ठेलासर तथा रतनगढ़ में भी चुनावी सभा को संबोधित किया था। उनके साथ मुख्तार अब्बास नकवी समेत अनेक जनप्रतिनिधि भी आए थे।