
झुंझुनूं. जिला एवं सेशन न्यायाधीश ने सामूहिक दुष्कर्म के मामले में एक आरोपित को आजीवन कारावास की सजा सुनाईहै। जिला जज अशोक कुमार जैन की ओर से दिए सामूहिक दुष्कर्म मामले में एक आरोपित अजय कुमार जाट निवासी चन्दवा पुलिस थाना बिसाऊ को आजीवन कारावास की सजा दी है।
जबकि इस मामले में एक अन्य मुकेश जाट के विरूद्ध पुलिस ने अभी तक अनुसंधान लम्बित रखा हुआ है। मामले के अनुसार एक व्यक्ति ने 22 अक्टूबर 2016 को मंडावा पुलिस थाने में रिपोर्ट दी कि उसके भाई घासीराम के लड़के अशोक कुमार का पीडि़ता से तीन साल पहले विवाह हुआ था और पीडि़ता उनके पास ही रहती थी।
घासीराम व पीडि़ता का पति विदेश गऐ हुए थे तथा घर पर पीडि़ता की सास रहती थी व पीडि़ता का डेढ़ वर्ष का लड़का भी था। 21 अक्टूबर 2016 को जब पीडि़ता सुबह उठकर जब घर का काम कर रही थी तो सुबह करी 7 बजे घर से गायब हो गई। पता किया तो पता चला कि अजय पीडि़ता को बहला-फुसलाकर ले गया है। इस रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर बाद जांच आरोपी अजय कुमार के विरूद्ध चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया। जबकि मुकेश के विरूद्ध पुलिस की ओर से अनुसंधान लम्बित रखा।
राज्य सरकार की तरफ से पैरवी कर रहे लोक अभियोजक लोकेन्द्र सिंह शेखावत ने इस्तगासा पक्ष की और से 19 गवाहान के बयान करवाये तथा 33 दस्तावेज प्रदर्शित करवाए। शेखावत ने न्यायालय में बताया कि आरोपी अजय कुमार ने अपने सहयोगी चाचा मुकेश के साथ मिलकर पीडि़ता के साथ दुष्कर्म का घिनोना कृत्य किया है।
न्यायाधीश ने आरोपी अजय को आजीवन कारावास की सजा देते हुए उसको एक लाख रुपए अर्थदण्ड से दण्डित कर आदेश दिया कि अर्थदण्ड अदा नही करने पर आरोपी अजय को एक वर्ष का कठोर कारावास पृथक से भुगतना होगा तथा एक लाख रुपए की राशि जमा कराये जाने पर यह राशि पीडि़ता को बतौर प्रतिकर अदा कर दी जाए। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि अभियुक्त मुकेश के विरूद्ध अभी अनुसंधान शेष है अत: इस निर्णय के बाद पत्रावली का कोई भी भाग नष्ट नही किया जाए।