हिंदी फिल्म डंकी की तर्ज पर बहुत से एजेंट भोलेभाले लोगों से जालसाजी कर विदेश भेजने का काम करते हैं। जिसकी तादाद हर साल बढ़ती जा रही है। जिसकी हकीकत विदेश मंत्रालय के आंकड़े भी बयां कर रहे हैं।
Jhunjhunu News : हिंदी फिल्म डंकी की तर्ज पर बहुत से एजेंट भोलेभाले लोगों से जालसाजी कर विदेश भेजने का काम करते हैं। जिसकी तादाद हर साल बढ़ती जा रही है। जिसकी हकीकत विदेश मंत्रालय के आंकड़े भी बयां कर रहे हैं। दरअसल, देशभर में नागरिकों को विदेशों में नौकरी-रोजगार दिलाने की फर्जी पेशकश होती रही है। जिसके लिए जालसाज कंपनियां-एजेंसियों द्वारा प्रचार-प्रसार कर लोगों को विदेश भेजने का प्रलोभन देते हैं। बाद में कबूतरबाजी के शिकार हुए लोग विदेश में फंसकर रह जाते हैं। मंत्रालय के आंकड़ों पर गौर करें तो गत चार साल में देश में 2925 अवैध एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। जिसमें राजस्थान के 61 एजेंट शामिल हैं। कबूतरबाजी के मामले में आंध्रप्रदेश और उत्तरप्रदेश टॉप पर हैं। आंध्रप्रदेश, उत्तरप्रदेश में सबसे ज्यादा है।
केस-01
जुलाई 23 में मंडावा निवासी करण को विदेश भेजने का झांसा देकर लाखों की ठगी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। जिसके खिलाफ घीसाराम ने रिपोर्ट दी थी।
केस-02
अक्टूबर 23 में सिंघाना क्षेत्र के इमरान ने थाने में रिपोर्ट दी। जिसमें रफीक और सम्मा पर विदेश भेजने के नाम पर दो लाख 98 हजार रुपए हड़पने का आरोप लगाया गया। ऐसे ही मामले में अन्य थानों में भी दर्ज होते रहते हैं।
मंत्रालय करता है आगाह
जालसाज एजेंट-ट्रेवल एजेंसियों के खिलाफ समय-समय पर कार्रवाई की जाती है। मंत्रालय भी समय-समय पर फर्जी जॉब रैकेट के बारे में परामर्शी, मीडिया ब्रीफिंग और ट्रवीट जारी करता रहता है। जिससे कि लोग कबूतरबाजी के शिकार होने से बच सके।
अवैध एजेंटों की संख्या
दिल्ली 292
पंजाब 190
तमिलनाडू 360
महाराष्ट्र 309
उत्तरप्रदेश 400
आंध्रप्रदेश 471
केरल 189
तेलंगाना 113
हरियाणा 35
गुजरात 56
पश्चिम बंगाल 127
कर्नाटक 80
राजस्थान 61
बिहार 54
मध्यप्रदेश 16
पुडुचेरी 6
उत्तराखंड 13
गोवा 13
हिमाचल प्रदेश 10
जम्मू-कश्मीर 11
चंडीगढ़ 31
ओडिशा 11
छत्तीसगढ़ 4
असम 60
झारखंड 5
त्रिपुरा 7
नागालैंड 1
कुल 2925
प्रचार-प्रसार कर बनाते शिकार-
जालसाज एजेंट लोगों को शिकार बनाने के लिए अलग-अलग तरीकों से प्रलोभन देते हैं। जिसके लिए सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार भी किया जाता है। शेखावाटी में भी ऐसे ही ठगी के मामले सामने आते रहते हैं।