झुंझुनू

Motivational Story: किसान का बेटा पढेगा अमरीका में, मिलेगी 53 लाख की स्कॉलरशिप

Real Life Motivational Story: समीपवर्ती गांव सरदारपुरा (छापड़ा का बास) निवासी किसान विजयपाल श्योराण का 22 साल का बेटा अमित श्योराण अब अमरीका के मिसीगन स्टेट की यूनिवर्सिटी में पढे़गा। अमित को आईआईटी में पीजी करने के दौरान तैयार किए गए रिसर्च पेपर के बाद अलग-अलग पांच देशों की यूनिवर्सिटी से ऑफर मिले थे।

2 min read
Sep 11, 2023

पिलानी. Real Life Motivational Story: समीपवर्ती गांव सरदारपुरा (छापड़ा का बास) निवासी किसान विजयपाल श्योराण का 22 साल का बेटा अमित श्योराण अब अमरीका के मिसीगन स्टेट की यूनिवर्सिटी में पढे़गा। अमित को आईआईटी में पीजी करने के दौरान तैयार किए गए रिसर्च पेपर के बाद अलग-अलग पांच देशों की यूनिवर्सिटी से ऑफर मिले थे। इनमें से अमित ने विश्व की टॉप यूनिवर्सिटी में शामिल वेन स्टेट यूनिवर्सिटी में प्रवेश लिया है। यूनिवर्सिटी की ओर से पहले साल अमित श्योराण को 64000 डॉलर की स्कॉलरशिप मिलेगी। यह भारत के करीब 53 लाख रुपए होते हैं।अमित की इस उपलब्धि पर गांव में खुशी का माहौल है।बड़े भाई सुमित ने बताया कि अमित ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की। भौतिक विज्ञान में ग्रेजुएशन के बाद आईआईटी गांधी में पीजी के लिए प्रवेश लिया। इसी दौरान नैनो टेक्नॉलॉजी पर शोध करते हुए रिचर्स पेपर तैयार किया। इस रिसर्च पेपर के आधार पर विश्व की नामचीन पांच यूनिवर्सिटी ने स्कॉलरशिप स्वीकृत करते हुए अमित को पीएचडी का ऑफर दिया।
यह भी पढ़ें : CBSE Result: परीक्षा से 2 दिन पहले पिता को आया हार्ट अटैक, फिर भी कर दिखाया कमाल


सोलर प्लेट और लैपटॉप को छोटा करने की जिद
अमित सोलर प्लेट्स को और छोटी करने पर रिसर्च कर रहा है। उसका मानना है कि सभी जगह नैनो टेक्नॉलॉजी आ रही है। ऐसे में सोलर प्लेट की वर्तमान जो साइज है, वह काफी बड़ी है। इसलिए इन प्लेट्स की साइज को कम करते हुए अधिक प्रभावी कैसे बनाया जा सकता है। इस पर वह पीएचडी कर रहा है। साथ ही लैपटॉप जैसे अन्य इलेक्ट्रोनिक्स गेजेट्स को लेकर भी रिसर्च करेगा।

22 साल की उम्र में साल के 25 लाख रुपए तो पक्के
सुमित ने बताया कि अभी अमित 22 साल का ही है। उसे 53 लाख रुपए सालाना स्कॉलरशिप के मिलेंगे। इनमें से यूनिवर्सिटी का शैक्षणिक खर्च को हटा दें तो भी साल के 25 लाख रुपए अमित को मिलेंगे। यही नहीं हर साल इस स्कॉलरशिप में वृद्धि भी होगी।
यह भी पढ़ें : Motivational story: इस कारण दोनों भाइयों को मिल गई सीधे सरकारी नौकरी, अब एक भाई रेलवे में तो दूसरा बैंक में करता है काम
पिता भी प्रगतिशील किसान
अमित के पिता विजयपाल श्योराण सरदारपुरा गांव में ही रहते है। उन्होंने परंपरागत खेती के साथ-साथ फूलों का बगीचा भी लगा रखा है। इसमें बड़ी संख्या में किन्नू, मौसमी और अमरूद जैसे फलों की पैदावार करते हैं। उनके किन्नू, मौसमी और अमरूद दूर-दूर तक जाते है। उन्हें कई बार प्रगतिशील किसान के रूप में सम्मानित भी किया जा चुका है।

Also Read
View All