
मृतक प्रदीप और सुभाष - फोटो पत्रिका नेटवर्क
झुंझुनूं। रात के करीब दस बजे थे। रोज की तरह काम खत्म कर सुभाष पुत्र महिपाल झुंझुनूं से अपने गांव हंसलसर लौट रहा था। इसी दौरान उसकी बहन ईश्वंता का फोन आया। बहन ने पूछा तो सुभाष ने सहजता से कहा-पांच मिनट और लगेंगे, मेरा खाना थाली में डाल दो…। बहन ने भाई के लिए खाना डाल दिया और इंतजार करते-करते सो गई। उसे क्या पता था कि यह भाई से उसकी आखिरी बातचीत होगी। कुछ देर बाद पुलिस का फोन आया और हादसे की सूचना मिली तो परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। गांव के पास बाइक सवार सुभाष और प्रदीप राव को एक कैंपर ने कुचल दिया था। प्रदीप की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर घायल सुभाष ने झुंझुनूं से सीकर ले जाते समय दम तोड़ दिया।
पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव गांव पहुंचे तो हंसलसर में मातम पसर गया। जिस घर में रात को बहन भाई के लौटने का इंतजार कर रही थी, वहीं सुबह भाई का शव पहुंचा। मां मुन्नी देवी बेसुध पड़ी थी। पिता महिपाल का रो-रोकर बुरा हाल था। बहन ईश्वंता बार-बार बेसुध हो रही थी। परिवार की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया।
हादसे में जान गंवाने वाला प्रदीप राव अविवाहित था। करीब पांच साल पहले उसके माता-पिता की मौत हो चुकी थी। परिवार में अब वह और उसका बड़ा भाई ही थे। दोनों भाई अविवाहित थे और एक-दूसरे का सहारा बने हुए थे। प्रदीप झुंझुनूं में एक निजी कंपनी में काम करता था। भाई की मौत की खबर सुनने के बाद उसका बड़ा भाई बार-बार यही कहकर रोता रहा- अब मैं किसके सहारे जिऊंगा। उसकी यह बात सुनकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। माता-पिता के बाद भाई ही उसका सहारा था, लेकिन सड़क हादसे ने वह सहारा भी छीन लिया।
सुभाष के परिवार का दुख भी कम नहीं है। करीब 12 साल पहले करंट लगने से महिपाल के बेटे मुकेश की मौत हो गई थी। परिवार अभी उस सदमे से पूरी तरह उबर भी नहीं पाया था कि अब दूसरे बेटे सुभाष की भी सड़क हादसे में मौत हो गई। परिवार के लोग बिलखते हुए यही कहते रहे कि दो बेटों में से एक तो रहता, बूढ़े मां-बाप की सेवा करता… भगवान ने दोनों को ही छीन लिया। सुभाष भी अविवाहित था। उसकी एक बहन ईश्वंता है, जिसकी शादी हो चुकी है। बेटे की मौत से बूढ़े माता-पिता पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
पुलिस के अनुसार, तोशाम थाना क्षेत्र के लक्ष्मणपुरा निवासी अमित पुत्र सतवीर और मंजीत पुत्र किशोर अपने एक अन्य दोस्त के साथ उज्जैन महाकाल दर्शन के लिए जा रहे थे। वे गांव से अपने दोस्त अनिल की कैंपर लेकर निकले थे। अमित दूध का कारोबार करता है। रास्ते में बड़ागांव गोशाला के पास कैंपर ने बाइक सवार सुभाष और प्रदीप को टक्कर मार दी। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हुए। टक्कर के बाद कैंपर का टायर फट गया।
घटनास्थल पर भीड़ जुटने लगी तो चालक कैंपर को झुंझुनूं की तरफ भगाकर ले गया। कुछ दूरी पर नृसिंहपुरा बस स्टैंड के पास कैंपर में आग लग गई। आग लगते ही कैंपर सवार तीनों युवकों ने कूदकर जान बचाई। ग्रामीणों ने अमित और मंजीत को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। सूचना पर झुंझुनूं सदर और गुढ़ागौड़जी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। गुढ़ागौड़जी पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
एक ही हादसे में दो युवकों की मौत ने पूरे गांव को झकझोर दिया। जब दोनों के शव गांव पहुंचे तो परिजनों की चीख-पुकार सुनकर हर आंख नम हो गई। एक परिवार ने बेटा खोया तो दूसरे परिवार से भाई का आखिरी सहारा छिन गया। हंसलसर में हादसे के बाद देर तक सन्नाटा पसरा रहा।
Updated on:
09 Aug 2026 01:53 pm
Published on:
09 Aug 2026 01:53 pm
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