
राजस्थान के झुंझुनूं जिले के चिड़ावा कस्बे में परिवहन विभाग ने अवैध रूप से ट्रैक्टरों की बिक्री और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुँचाने के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिला परिवहन कार्यालय (DTO) की टीम ने चिड़ावा स्थित दो प्रमुख ऑटोमोबाइल प्रतिष्ठानों पर अचानक छापेमारी कर कुल 26 ट्रैक्टर सीज किए हैं।
जिले के चिड़ावा कस्बे में परिवहन विभाग ने गुरुवार को अवैध रूप से ट्रैक्टरों की बिक्री के मामले में बड़ी कार्रवाई की। विभागीय टीम ने दो ऑटोमोबाइल प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर कुल 26 ट्रैक्टर सीज किए। जांच में दोनों प्रतिष्ठानों पर ट्रेड सर्टिफिकेट नहीं मिला। वहीं, एक प्रतिष्ठान पर हरियाणा से ट्रैक्टर लाकर यहां बेचने का मामला भी सामने आया। अचानक हुई कार्रवाई से ट्रैक्टर कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों में हड़कंप मच गया।
जिला परिवहन अधिकारी रमेश कुमार यादव ने बताया कि परिवहन विभाग की टीम ने चिड़ावा स्थित एक ऑटोमोबाइल एजेंसी पर छापा मारा। जांच में सामने आया कि एजेंसी की ओर से बिना ट्रेड सर्टिफिकेट के ट्रैक्टरों की बिक्री की जा रही थी। साथ ही हरियाणा से ट्रैक्टर लाकर यहां बेचे जाने की अनियमितता भी सामने आई। टीम ने मौके से 12 ट्रैक्टर सीज किए। इन वाहनों को प्रतिष्ठान प्रतिनिधि की सुपुर्दगी में सीज किया गया तथा नियमानुसार जुर्माने की कार्रवाई भी की गई।
इसी क्रम में परिवहन विभाग की टीम ने चिड़ावा स्थित एक अन्य प्रतिष्ठान की जांच की। यहां भी ट्रेड सर्टिफिकेट नहीं पाया गया। नियमों की पालना नहीं होने पर विभाग ने 14 ट्रैक्टरों को अपंजीकृत मानते हुए सीज कर दिया। इस तरह दोनों प्रतिष्ठानों से कुल 26 ट्रैक्टरों पर कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के दौरान सीज किए गए सभी 26 ट्रैक्टरों के चेचिस नंबर ब्लॉक कर दिए गए ताकि नियमानुसार प्रक्रिया पूरी होने तक इनका अवैध संचालन या पंजीयन नहीं हो सके। विभागीय कार्रवाई से करीब दो लाख रुपए का राजस्व जुर्माने के रूप में मिलने की संभावना जताई गई है।
कार्रवाई में उड़नदस्ता प्रभारी परिवहन निरीक्षक सुमित कुमार और परिवहन निरीक्षक रोहिताश भगासरा के नेतृत्व में टीम ने दोनों प्रतिष्ठानों पर दस्तावेजों की जांच की। अनियमितताएं मिलने पर नियमानुसार ट्रैक्टर सीज किए गए।