सावन में रक्षाबंधन, नाग पंचमी, हरियाली तीज, प्रदोष व्रत, विनायक चतुर्थी, कामदा एकादशी समेत कई महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार भी आएंगे।
आस्था , उमंग और उत्साह के माह सावन 2024 की शुरुआत सोमवार 22 जुलाई के दिन से हो गई है। पहले दिन बड़ी संख्या में बाबा भोले के भक्तों ने मंदिरों में पहुंचकर जलाभिषेक किया। यह महीना भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित होता है। पंडित दिनेश मिश्रा के अनुसार इस साल सावन माह की शुरुआत और समापन सोमवार व्रत के साथ होगा। सावन में रक्षाबंधन, नाग पंचमी, हरियाली तीज, प्रदोष व्रत, विनायक चतुर्थी, कामदा एकादशी समेत कई महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार भी आएंगे। सावन माह में दो एकादशी भी रहेंगी। सावन में सोमवार के पांच व्रत रखे जाएंगे।
मंगला गौरी व्रत
सावन माह के हर मंगलवार को मंगला गौरी व्रत रखा जाता है। इस व्रत को रखने से महिलायें मां पार्वती की पूजा करती हैं। इस व्रत को रखने से अखंड सुहाग और संतान की की सुख समृद्धि की मांग करती हैं।
हरियाली तीज
इस दिन तीज त्योहार मनाया जाता हैं। बाग बगीचों में झूले डलते हैं। महिलाए अखंड सौभाग्य की कामना के साथ गौरी स्वरूपा तीज माता की पूजा करती है।
22 जुलाई-पहला सोमवार व्रत
23 जुलाई- मंगला गौरी व्रत
24 जुलाई- गजानन संकष्टी चतुर्थी
27 जुलाई- कालाष्टमी
29 जुलाई- दूसरा सावन सोमवार
30 जुलाई-दूसरा मंगला गौरी व्रत
31 जुलाई- कामदा एकादशी
1 अगस्त प्रदोष व्रत
4 अगस्त हरियाली अमावस्या
5 अगस्त- तीसरा सावन सोमवार
6 अगस्त- तीसरा मंगला गौरी व्रत
8 अगस्त- विनायक चतुर्थी
9 अगस्त- नाग पंचमी
12 अगस्त- सावन का चौथा सोमवार
13 अगस्त- चौथा मंगला गौरी व्रत,दुर्गाष्टमी
16 अगस्त- पुत्रदा एकादशी
17 अगस्त शनि प्रदोष व्रत
19 अगस्त- रक्षाबंधन, सावन
रक्षाबंधन सावन पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। यह भाई-बहन के अटूट प्रेम को दर्शाता है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाइयों पर राखी बांधती हैं। उनके सफल और सुखी जीवन की कामना करती हैं। भाई अपनी बहनों को रक्षा का वचन देते हैं।
पंडित दिनेश मिश्रा ने बताया कि सावन माह में पूरे समय कई शुभ योग सयोग बनेंगे इनमें सर्वार्थ सिद्धि योग ,अमृत सिद्धि, योग रवि पुष्य योग , द्विपुष्कर योग, रवि योग, राजयोग रहेंगे जिसमें भगवान शिव का अभिषेक पूजन जलाभिषेक दुग्ध अभिषेक करना शुभ फलदाई रहेगा।
सावन सोमवार व्रत
सावन सोमवार व्रत का विशेष महत्व होता है। मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत रखने से मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। रुद्राभिषेक , दुग्धाभिषेक करते है।भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं। वैवाहिक जीवन सुखमय होता है।