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Jhunjhunu news: लहलाती फसलों पर चला प्रशासन का बुलडोजर

झुंझुनूं. काटली नदी के बहाव क्षेत्र में किए गए अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। झुंझुनूं क्षेत्र की केड व भाटीवाड़ ग्राम पंचायतों के अंतर्गत आने वाले राजस्व गांव खटकड़, नंगली निर्वाण, केड और बास बिसना में गैर मुमकिन नदी भूमि पर बोई गई फसलों को जेसीबी व ट्रैक्टर से नष्ट […]

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झुंझुनूं. काटली नदी के बहाव क्षेत्र में किए गए अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। झुंझुनूं क्षेत्र की केड व भाटीवाड़ ग्राम पंचायतों के अंतर्गत आने वाले राजस्व गांव खटकड़, नंगली निर्वाण, केड और बास बिसना में गैर मुमकिन नदी भूमि पर बोई गई फसलों को जेसीबी व ट्रैक्टर से नष्ट कर बहाव क्षेत्र को खाली कराया गया। यह कार्रवाई गुढ़ागौड़जी तहसीलदार कुलदीप भाटी के नेतृत्व में की गई। सुबह करीब 10 बजे शुरू हुई कार्रवाई शाम 6 बजे तक लगातार चली। प्रशासन ने नदी भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाते हुए गेहूं, चना, सरसों और मसूर की फसलों को खुर्द-बुर्द किया।

पत्रिका अभियान के बाद तेज हुई कार्रवाई

काटली नदी को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए राजस्थान पत्रिका द्वारा चलाए गए ‘काटली नदी करे पुकार, मुझे बचाओ सरकार’ अभियान के बाद मामला राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) तक पहुंचा। एनजीटी भोपाल बेंच के निर्देश पर जल संसाधन विभाग ने दोबारा सर्वे कराया। सर्वे में 115 किलोमीटर लंबी काटली नदी में झुंझुनूं और चूरू जिलों में कुल 362 अतिक्रमण चिन्हित किए गए।

आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई

तहसीलदार कुलदीप भाटी ने बताया कि एनजीटी के आदेशानुसार और उच्च अधिकारियों के निर्देश में चिन्हित अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि गुरुवार को नाटास और शीथल के रामलालपुरा क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रस्तावित है।