
सुरेंद्र डैला
चिड़ावा (झुंझुनूं). प्रदेश के करीब 15 लाख परिवारों के पास रहने को घर नहीं हैं। जिसमें सबसे ज्यादा उदयपुर के परिवार शामिल हैं। झुंझुनूं की स्थिति ठीक है। गत दिनों प्रदेश भर में रखी विशेष ग्रामसभाओं में आवास से वंचित परिवारों की हकीकत सामने आई। अब सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना में वंचित परिवारों को छत देने की तैयारी कर रही है। पंचायतीराज विभाग ने ऐसे परिवारों की जमीन, रहवास से जुड़ी सूचना मांगी है।
दरअसल, सरकार ने अप्रेल के अंत में विशेष ग्राम सभाएं रखवाई। जिसके माध्यम से आवास से वंचित परिवारों की सूचना जुटाई गई। जिसमें प्रदेशभर में 14 लाख 62 हजार 821 ऐसे परिवार सामने आए, जिनके पास रहने को मकान नहीं थे। उदयपुर में सबसे ज्यादा 1 लाख 26 हजार 60 परिवारों के पास रहने को मकान नहीं। जयपुर के 20 हजार 135 परिवार इस लिस्ट में शामिल हैं।
पंचायती राज मंत्री राजेंद्र राठौड़ के गृह जिले चूरू में ऐसे परिवारों की संख्या 25 हजार 610 है। झुंझुनूं की स्थिति ठीक है, यहां केवल 3 हजार 754 परिवारों के पास रहने को मकान नही हैं। सरकार आवास से वंचित परिवारों के यहां मकान बनाने की तैयारी में है।
जमीन-रहवास की जानकारी मांगी
आकंडों के आधार पर वंचित परिवारों को आवास देने की तैयारी की जा रही है। जिसके लिए वंचित परिवारों की रहवास व जमीन से जुड़ी जानकारी मांगी है। ऐसे परिवारों की जानकारी जुलाई के अंत तक ऑनलाइन करने के निर्देश दिए गए हैं।
एससी के 3 लाख 54 हजार 499 परिवार
प्रदेशभर में आवास से वंचित परिवारों के कैटेगरी वायज आकंडे जुटाए गए। सूत्रों के अनुसार प्रदेशभर में एससी के 3 लाख 54 हजार 499, एसटी के 3 लाख 73 हजार 983, अल्पसंख्यक के 87 हजार 879 व अन्य के 6लाख 46हजार 460 परिवार शामिल हैं। ं
उदयपुर में सबसे ज्यादा, झुंझुनूं में कम
प्रदेशभर में 14 लाख 6 2 हजार 821 परिवार आवास से वंचित हैं। जिसमें अजमेर में 23 हजार 193, अलवर में 12 हजार 487, बांसवाड़ा में 88 हजार 774, बांरा में 63 हजार 502, बाड़मेर में 1 लाख 14 हजार 972, भरतपुर में 9 हजार 952, भीलवाड़ा में 66 हजार 38 , बीकानेर में 60 हजार 97, बूंदी में 56 हजार 163, चित्तौडगढ़़ में 39 हजार 36 7, चूरू में 25 हजार 610, दौसा में 6 हजार 704, धोलपुर में 7 हजार 491, डूंगरपुर में 76 हजार 303, हनुमानगढ़ में 35 हजार 510, जयपुर में 20 हजार 135, जैसलमेर में 25 हजार 693, जालौर में 27हजार 427, झालावाड़ में 99 हजार 6 15, झुंझुनूं में 3 हजार 754, जोधपुर में 74 हजार 260, करौली में 20 हजार 558 , कोटा में 34 हजार 199, नागौर में 39 हजार 776 , पाली में 29हजार 912, , प्रतापगढ़ में 43 हजार 345, राजसमंद में 28 हजार 781, सवाईमाधोपुर में 50 हजार 131, सीकर में 5 हजार 978 , सिरोही में 29 हजार 226 , श्रीगंगानगर में 60 हजार 436 , टोंक में 57 हजार 372 व उदयपुर में 1 लाख 26 हजार 60 परिवार शामिल हैं।