दिल से झरौखे वाली हवेलियां। मन को भाते भित्ती चित्र। विश्व प्रसिद्ध फ्रेस्को पेंटिंग। पुराने गढ़ में देसी तरीके से आवभगत, मन को भाता हेरिटेज लुक और बड़े शहरों से दूर सुकून भरा वातावरण। यही मंडावा की ताकत है।
जानिए वे 5 प्रमुख कारण जिससे फिल्म अभिनेता आते हैं राजस्थान के इस कस्बे में
झुंझुनूं/मंडावा. दिल से झरौखे वाली हवेलियां। मन को भाते भित्ती चित्र। विश्व प्रसिद्ध फ्रेस्को पेंटिंग। पुराने गढ़ में देसी तरीके से आवभगत, मन को भाता हेरिटेज लुक और बड़े शहरों से दूर सुकून भरा वातावरण। यही मंडावा की ताकत है। जो बॉलीवुड व परदेसी पावणों को धोरों की धरा पर खींच लाती है। यहां बडे होटल समूहों की तर्ज पर सभी सुविधाएं मौजूद हैं तो कई होटल ऐसे हैं जो पूरी तरह से ग्रामीण परिवेश को ध्यान में रखकर बनाए हुए हैं। कमरों पर गोबर व मिट्टी की लिपाई। सफेद व लाल रंग के मांडणे। छत के ऊपर देसी लुके के लिए 'छानÓ भी लगाई गई है। बाहर से यह कच्चे घर दिखते हैं, लेकिन यह यहां के शानदार होटल हैं।
mandawa city in rajasthan
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ऐसे बदल सकती है सूरत
- सड़कों पर आवारा घूमते पशु बड़ी समस्या है। साल दर साल पुरानी हवेलियां क्षतिग्रस्त होती जा रही है। इनका नियमित रखरखाव किया जाए। राज्य के दूसरे हिस्सों में मरू महोत्सव, थार महोत्सव, ऊंट महोत्सव, हाथी महोत्सव की तर्ज पर शेखावाटी महोत्सव को बढ़ावा दिया जाए। तीन जनवरी से आबूसर गांव में पर्यटन मेला तो लगेगा, लेकिन हर बार वहां केवल लीक पीटी जा रही है। विदेशी पर्यटकों को मेले से नहीं जोड़ा जा रहा। शेखावाटी में भी पैलेस ऑन व्हील्स व फेयरी क्वीन दिल्ली से चलाई जो मंडावा में और पर्यटक आ सकते हैं।
salmaan khan in mandawa
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दो उदाहरणों से जानिए मंडावा की विशेषता
1 बॉलीवुड की पहली पसंद
मंडावा बॉलीवुड को खूब भा रहा है। आमिर खान की सुपर डूपर फिल्म पीके, सलमान खान की बजरंगी भाईजान फिल्म की करीब आधी शूटिंग मंडावा व इसके आस-पास के क्षेत्र में हुई। इनके अलावा कच्चे धागे, गुलामी, दिल्ली चलो, जब वी मेट, लव आजकल, गुलामी, पहेली, ए दिल है मुश्किल, मिर्जा, मिमी, बोले चूडियां व एक्शन सहित अनेक फिल्में यहां हो चुकी। इसके अलावा एड फिल्मे व एलबम के लिए गानों की शूटिंग होती रहती है।
amir khan in mandawa
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2 सात समंदर पार से आते पावणे
सात समंदर पार से आन वाले पावणे चूरू, झुंझुनूं, सीकर, नागौर, बीकानेर, हनुमानगढ़ व गंगानगर सहित अनेक जगह घूमते हैं, लेकिन वे रुकना मंडावा में ही पसंद करते हैं। यहां हर वर्ष हजारों की संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक आते रहते हैं। यहां के हेरिटेज होटल पर्यटकों की पहली पसंद बने हुए हैं।फ्रांस, आस्ट्रेलिया, कनाडा, स्वीडन, रूस, जर्मनी, जापान, इटली, स्पेन, डेनमार्क, न्यूजीलैंड, इंग्लैण्ड, अमेरीका सहित अनेक देशों के पर्यटकों की पहली पसंद मंडावा है। इससे हर वर्ष करोड़ों रुपए का कारोबार होता है। हजारों लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला हुआ है।
kareena in mandawa
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sanjay datt in mandawa
आंकडों में मंडावा
23335 जनसंख्या 2011 के अनुसार
1980-पहला ट्यूरिस्ट होटल कासल (गढ़) की स्थापना हुई।
18 बड़े होटल जिनमें पर्यटक रुकते हैं।
22 सीनियर सैकण्डरी स्कूल
1 कॉलेज
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कंटेंट- महिपाल मील