झुंझुनू

देरवाला में अब बायोमेडिकल वेस्ट नहीं सोलिड वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट लगेगा

नगर परिषद ने प्लांट की मंजूरी को किया खारिजकई महीने चला था ग्रामीणों का आंदोलन
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देरवाला में अब बायोमेडिकल वेस्ट नहीं सोलिड वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट लगेगा

झुंझुनूं. आखिरकार चार महीने तक चला ग्रामीणों का आंदोलन रंग लाया। शहर के नजदीक देरवाला गांव में लगने वाला बायोमेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट अब नहीं लगेगा। क्योंकि नगर परिषद ने इसे खारिज कर दिया है। अंचल के किसी भी स्थान पर बायोमेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट को लगाने के प्रयास किए, वहीं पर इसका विरोध शुरू हो गया। सबसे पहले इसे डूंडलोद में स्थापित करना तय किया गया। मगर यहां के ग्रामीणों ने इसका विरोध किया तो सरपंच ने एनओसी जारी करने में हाथ पीछे खींच लिए। यहां से प्लांट को नवलगढ़ में लगाना तय किया तो यहां पर भी इसे यह कहते हुए खारिज कर दिया गया कि डेढ़ सौ किलोमीटर की परीधी में कुहाड़ू में ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित है, ऐसे में यहां लगाना नियमों से परे है। इसके बाद नगर परिषद ने इसे शहर के निकटवर्ती गांव देरवाला में २०१५ में बायोमेडिकल और सोलिडवेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट लगाना तय किया और प्रस्ताव के बाद इसे डीएलबी से लगाने की मंजूरी भी मिली। परंतु २०१६ में इसे जैसे ही स्थापित करने की सोची ग्रामीणों का विरोध शुरू हो गया और यह आंदोलन चार महीने तक चला।

अब नगर परिषद ने किया खारिज
चार महीने चले आंदोलन के दौरान राजस्थान कोर्ट ने भी देरवाला में लगने वाले नए बायोमेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट को यह कहते हुए खारिज करने की बात कही थी कि पोल्यूसन बोर्ड के नियमों के अनुसार यहां पर नया प्लांट नहीं लगाया जा सकता। परंतु अब इसे नगर परिषद ने भी खारिज कर दिया है।

सोलिडवेस्ट प्लांट देरवाला में ही
देरवाला गांव में बायोमेडिकल वेस्ट और सोलिडवेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट लगने थे। इनमें बायोमेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट को खारिज कर दिया गया है। वहीं, सोलिडवेस्ट प्लांट अब भी स्थापित किया जाएगा।
अब जानकार बताते हैं कि ७५ किमी दूरी को छोड़कर अब नया प्लांटस्थापित किया जा सकता है।

खारीज होने के बाद भी वेस्ट और पैसा उठाने की शिकायत
एक तरफ जहां देरवाला में बोयोमेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट की मंजूरी को खारिज कर दिया गया है। वहीं, लोगों का आरोप है कि टेंडर खारिज करने के बाद भी जिस कंपनी को टेंडर दिया गया था वह निजी और सरकारी अस्पतालों से बायोवेस्ट उठाकर पैसा वसूल कर रही है। साथ ही यह बायोवेस्ट बीड़ या फिर अन्य सुनसान जगह यह डाला जा रहा है जो आमजन और पशुओं के लिए खतरनाक हैं। जो कंपनी बायोवेस्ट उठा रही है उस कंपनी के पास डीएलबी तथा पोल्यूशन बोर्ड सीकर की अनुमति भी नहीं बताई जा रही है और इसका टेंडर भी खारिज हो गया है।

इनका कहना है...
देरवाला में स्थापित होने वाले मेडिकल बायोवेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट को खारिज कर दिया गया है। सोलिड वेस्ट प्लांट देरवाला में ही लगाया जाएगा।
-सुदेश अहलावत, सभापति नगर परिषद (झुंझुनूं)

Published on:
02 Feb 2019 12:34 pm