विधायक पितराम काला ने कहा कि अगर आपके पास सामान नहीं है, जनता को पानी नहीं पिला सकते तो अपने घर जाकर बैठो और जलदाय विभाग को भैंसों का बाड़ा बना दो।
जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक जिला परिषद सभागार में हुई। इस दौरान सदस्यों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में ना बिजली पूरी मिल रही है ना ही पेयजल की सही आपूर्ति हो रही है। करीब 4 घंटे चली इस बैठक में राजस्थान के झुंझुनूं जिले के पिलानी से कांग्रेस के विधायक पितराम काला ने कहा कि नरहड़ में पानी के पाइपों को नहीं जोड़ा जा रहा। लोग पेयजल के लिए भटक रहे हैं। इस पर जलदाय विभाग के अधिकारियों ने कहा कि वहां के लोग काम नहीं करने दे रहे। इस पर काला ने कहा कि आप पुलिस की मदद लो, जनता को पानी तो पिलाओ। अगर आपके पास सामान नहीं है, जनता को पानी नहीं पिला सकते तो अपने घर जाकर बैठो और जलदाय विभाग को भैंसों का बाड़ा बना दो। वहीं अनेक अफसरों के गोलमोल जवाब से कई सदस्य नाराज नजर आए।
उदयपुरवाटी विधायक भगवानाराम सैनी ने कहा कि ओवरलोड डम्परों को क्यों नहीं रोक रहे?डम्परों से आए दिन हादसे हो रहे हैं, सड़कें टूट रही है, फिर इन पर मेहरबानी क्यों है? उन्होंने कहा जलदाय विभाग के अफसर कहते हैं हमारे पास सामान नहीं है। मोटर लगाते हैं दस दिन में क्यों जल जाती है? उन्होंने कहा कि पंचायत समिति उदयपुरवाटी में बिना नियमों के कार्य हो रहे हैं, इसकी जांच करवाई जाए। जिला परिषद की बैठक छह माह की बजाय हर माह हो, ताकि अफसरों से जवाब मांग सकें। छह माह में बैठक होती है तब तक अफसर बदल जाते हैं।
जिला परिषद सदस्य राज अहलावत ने कहा कि पिलानी में जलदाय विभाग में तीन मोटर व केबल मेरे निजी खर्चे पर दिलवाई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने तीनों मोटरों के रुपए सरकारी कोटे से भी उठा लिए। इसके बाद तीनों मोटर मोटर कहां गई, किसी को पता नहीं है। उन्होंने इस राशि की रिकवरी कर किसी सरकारी अस्पताल या कहीं अन्य सार्वजनिक स्थान पर लगाने की मांग उठाई। साथ ही बलौदा से बुहाना तक एमडीआरसड़क की चौड़ाई बढ़ाने की मांग उठाई।
नवलगढ़ प्रधान दिनेश सुंडा ने कहा कि पानी की टंकियों की सफाई की वीडियोग्राफी करवाई जाए। सूख चुके ट्यूबवैलों की जगह नया ट्यूबवैल 15 दिनों में शुरू करवाया जाए। तोगड़ा कलां गांव में नई पानी की टंकी का काम पूरा हो चुका है। लेकिन पीएचईडी अधिकारियों की लापरवाही से पिछले छह महीने से टंकी से पाइप लाइन नहीं जोड़ी जा रही है। ढिगाल से लेकर सीकर तक टोल रोड होने के बाद भी ना तो सफाई है और ना ही लिंक रोड्स पर फेरोकवर ठीक हैं।
बैठक में जिला कलक्टर रामावतार मीणा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों के निजी आय के स्रोत नहीं है अथवा न्यून है, इसलिए बिजली, पानी एवं अन्य विकास योजनाओं से संबंधित आर्थिक भार ग्राम पंचायतों पर नहीं डाला जाए। उन्होंने जल जीवन मिशन की अपडेट्स के बारे में भी जनप्रतिनिधियों को अवगत करवाने के निर्देश पीएचईडी एसई शरद माथुर को दिए। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला प्रमुख हर्षिनीकुलहरी ने कहा कि जनप्रतिनिधि जो मुद्दे उठाएं उनका समाधान समय पर किया जाए।
जिला परिषद सदस्य एवं भाजपा जिलाध्यक्ष बनवारी लाल सैनी ने कहा कि सड़कों पर पेचवर्क की भी गारंटी होनी चाहिए। ऐसा नहीं हो आगे पेचवर्क हो जाए और पीछे से सड़क टूटती रहे। बिजली, पानी व सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों से कहा कि आप अपने अधिकार नीचे के अधिकरियों से दीजिए।
- कुओं पर बिजली कनेक्शन दिए जाएं।
- फसल खराबे का मुआवजा व हाईटेंशन बिजली लाइन के लिए अधिग्रहित की गई भूमि का खेतड़ी क्षेत्र में मुआवजा दिया जाए।
-सूख चुके बोरिंग की लिस्ट बनाएं।
बैठक में सूरजगढ़ प्रधान बलवान पूनिया, चिड़ावा प्रधान इंदिरा डूडी, बुहाना प्रधान हरिकृष्ण यादव, जिला परिषद सदस्य पंकज धनखड़, , अजय भालोठिया, रणवीर सिंह नाडा, गोकुलचंद सोनी, समेत जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न मुद्दे उठाए और समाधान की मांग की। बैठक में जिला परिषद सीईओ राम रतन सौंकरिया, सीडीईओ अनसूईया, पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता महेंद्र झाझडिया, सहकारिता विभाग की डिप्टी रजिस्ट्रार विभा खेतान, कृषि विभाग के सहायक निदेशक शीशराम जाखड़, जिला परिवहन अधिकारी मखनलाल जांगिड़, नगर परिषद के अधिशाषी अभियंता वेद गोदारा, महिला अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक संजय महला, सामाजिक सुरक्षा अधिकारी निखिल कुमार, रोडवेज के मुख्य प्रबंधक गणेश शर्मा समेत विभिन्न विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।