टिबरेवाल का झुंझुनूं से गहरा लगाव रहा है। वे मूल रूप से झुंझुनूं शहर के रहने वाले थे। अनेक शिक्षण व सामाजिक संस्थाओं से जुड़े रहे। कार्यक्रमों में अतिथि के रूप में आते रहते थे। उनके निधन की सूचना पर अनेक लोगों ने श्रद्धासुमन प्रकट किए। वे हमेशा लोगों को शिक्षा का महत्व बताते रहते थे। वे राजस्थान के राज्यपाल भी रहे।
झुंझुनूं के रहने वाले थे टिबरेवाल
जयपुर/ झुंझुनूंराजस्थान के कार्यवाहक राज्यपाल और हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रहे नवरंग लाल टिबरेवाल का सोमवार शाम सात बजे आकस्मिक निधन हो गया। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने संवेदना संदेश में कहा कि जस्टिस टिबरेवाल के वकील रहते उनके चैंबर से वकालत का कॅरियर शुरू करने का सौभाग्य मिला। उन्होंने खुद को एक कुशल वकील, ईमानदार न्यायाधीश और कर्तव्यनिष्ठ राज्यपाल के रूप में प्रतिष्ठित किया। अपने कार्य के माध्यम से उन्होंने पेशेवर नैतिकता और गरिमा का उदाहरण दिया। 87 वर्षीय पूर्व न्यायाधीश टिबरेवाल के चैंबर से अपना वकालत का करियर शुरू करने वालों में राजस्थान हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश आर एस राठौड़ के साथ ही कई प्रतिष्ठित वकील भी शामिल हैं। उन्होंने शिक्षा के प्रोत्साहन के लिए भी उल्लेखनीय कार्य दिया।
झुंझुनूं में जन्में, यहीं पढ़े
राजस्थान के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एवं राज्यपाल रहे नवरंग लाल टिबरेवाल का झुंझुनूं से गहरा लगाव रहा है। वे मूल रूप से झुंझुनूं शहर के रहने वाले थे। अनेक शिक्षण व सामाजिक संस्थाओं से जुड़े रहे। कार्यक्रमों में अतिथि के रूप में आते रहते थे। सोमवार को उनके निधन की सूचना पर अनेक लोगों ने श्रद्धासुमन प्रकट किए। वे हमेशा लोगों को शिक्षा का महत्व बताते रहते थे। उनका जन्म जनवरी माह में हुआ और निधन भी जनवरी में ही हुआ। प्रारंभिक शिक्षा झुंझुनूं में हुई। इसके अलावा वकालत की प्रेक्टिस भी उन्होंने झुंझुनूं से ही शुरू की थी।