झुंझुनू

शादी के डेढ़ महीने बाद ही शहीद हुआ जवान, इकलौते बेटे का पार्थिव देह देखकर बेसुध हुई मां, पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल, सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

Martyred Soldier Vijay Sigh Yadav Last Rites: विजय सिंह की शादी 18 फरवरी को कलगांव निवासी मोनिका से हुई थी। दो महीने की छुट्टी बिताने के बाद वे 28 मार्च को ही ड्यूटी पर लौटे थे।
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Updated: 8 Apr 2025, 12:38 PM IST
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पिलानी में शव को देख बिलखती पत्नी व अन्य।

Rajasthan News: पिलानी निवासी और राष्ट्रीय राइफल की 26वीं बटालियन में तैनात जवान विजय सिंह यादव का सोमवार को सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। जैसे ही जवान की पार्थिव देह दोपहर को चिड़ावा-लुहारू बाइपास स्थित घर पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। विजय सिंह की पत्नी मोनिका की हालत रो-रोकर बेहाल थी, वहीं मां रेणु देवी अपने बेटे की पार्थिव देह देख बेसुध हो गईं। घर का माहौल बेहद वेदना से भरा हुआ था और हर आंख नम थी। विजय सिंह की शादी 18 फरवरी को कलगांव निवासी मोनिका से हुई थी। दो महीने की छुट्टी बिताने के बाद वे 28 मार्च को ही ड्यूटी पर लौटे थे।

विजय सिंह यादव ।

किश्तवाड़ में हुई आतंकी मुठभेड़

विजय सिंह की पार्थिव देह के साथ आए सेना के एक जवान का कहना था कि 5 अप्रेल की सुबह जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में हुई आतंकी मुठभेड़ में विजय सिंह वीरगति को प्राप्त हुए हैं। लेकिन प्रशासन के पास जवान विजय सिंह के शहीद होने की कोई जानकारी नहीं आई है।

इनका कहना है

हमारे पास जानकारी आती है, उसी के अनुरूप सम्मान का कार्यक्रम होता है। हमारे पास कोई अधिकृत जानकारी अभी तक नहीं आई है।

-कर्नल सुरेश कुमार, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी चिड़ावा

हवाई फायर कर दी अंतिम सलामी

राष्ट्रीय राइफल के जवानों ने पारंपरिक हवाई फायर कर विजय सिंह को अंतिम सलामी दी। उनकी अंतिम यात्रा सैनिक सम्मान और सैन्य औपचारिकताओं के साथ निकाली गई।

परिवार में थे इकलौते बेटे

विजय सिंह मूल रूप से बुहाना क्षेत्र के गांव खांदवा के रहने वाले थे और पिछले कई वर्षों से पिलानी में रह रहे थे। उनके पिता बिजेन्द्र सिंह भी राष्ट्रीय राइफल में सेवा दे चुके हैं। विजय सिंह अपने परिवार में इकलौते बेटे थे। उनकी एक बड़ी और एक छोटी बहन हैं।

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8 Apr 2025, 12:38 PM IST
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