
झुंझुनूं.
बाकरा गांव में खनन बंद करने की मांग को लेकर पहाड़ी के सामने सोमवार को ग्रामीणों ने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। इससे पूर्व गांव में एक आम सभा हुई, जिसमें सभी ने एकराय होकर खनन कार्य बंद करवाने पर सहमति जाहिर की। बाद में विरोध जाहिर करने के लिए लोग एकजुट होकर पहाड़ी पर पहुंचे।
यहां नायब तहसीलदार मुकेश कुमार अग्रवाल व ग्रामीणों के बीच वार्ता हुई। वार्ता के बाद नायब तहसीलदार ने कलक्टर के समक्ष ग्रामीणों की बात रखने की बात कही। इस मौके पर सरपंच बबीता, सतीश खीचड़, विजेन्द्र मील, घासीराम चाहर, जयनारायण चाहर, हरफूल सिंह खीचड़, प्रकाश सूबेदार, बनवारी खैरवा, केशर चाहर, राजू चाहर, जगदीश कमांडो, शिशुपाल, बजरंग लाल जांगिड़, लीलू भालोठिया आदि मौजूद थे।
दो दर्जन के खिलाफ हमला करने का आरोप
इधर, मामले को लेकर चिड़ासना निवासी ईश्वर सिंह की ओर से दो दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ पथराव के बाद मजूदरों पर हमला करने की रिपोर्ट सदर थाने में पेश की है।रिपोर्ट में पीडि़त ने बताया कि गांव बाकरा में लीज शुदा पहाड़ी पर खनन कार्य कर रहा है। दोपहर को बाकरा निवासी सुरेन्द्र कुमार मेघवाल, प्रकाश जाट, शीशपाल जाट, नारूराम, विजेन्द्र जाट, प्रवीण मेघवाल, हनुमान मेघवाल सहित करीब दो दर्जन लोगों ने पहाड़ी पर पहुंचकर पथराव के बाद मजदूरों के साथ मारपीट कर दी।उन्होंने बताया कि पहाड़ी बंद कराने की धमकी देकर वसूली व टेंट लगाकर काम में बाधा डालने की बात कही है।
ग्रामीणों का आता देख भागे श्रमिक
ग्रामीण पहाड़ी पहुंचे तो खनन कार्य चल रहा था, यह देखकर ग्रामीण आक्रोशित हो गए। इस पर ग्रामीणों के विरोध करने के लिए एक बारगी खनन कर रहे श्रमिक मौके से भाग गए। हालांकि वहां मौजूद अन्य लोगों की समझाइश के बाद लोग वापस लौट आए।
यह है मामला
बाकरा में लोगों का आरोप है कि लीज धारक की ओर से खनन के दौरान भारी विस्फोटक सामग्री काम में ली जाती है।ऐसे में अधिकांश मकानों में दरारें आ चुकी है,कुछ पुराने मकान गिरने की बात बताई जा रही है।विस्फोट के दौरान भारी पत्थरों का घरों में गिरना आम बात है।मामले को लेकर लोगों की ओर से पहले भी प्रदर्शन हो चुके हैं।