केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना, जिसका उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है, उसमें भी सेंध लगाने की कोशिश कर रहे एक सरकारी कर्मचारी को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने सबक सिखाया है।
राजस्थान के झुंझुनूं जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए जिला उद्योग केंद्र के सहायक (असिस्टेंट) नीरज कुमार को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत एक बेरोजगार युवा के आवेदन को मंजूर करने की एवज में रिश्वत की मांग की थी। भ्रष्टाचार के खिलाफ झुंझुनूं एसीबी की इस कार्रवाई से पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) केंद्र सरकार की एक ऐसी पहल है जिससे युवाओं को अपना खुद का स्टार्टअप या उद्योग शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है।
एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) नरेंद्र पूनिया के निर्देशन में इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
जानकारी के अनुसार, परिवादी अपना छोटा उद्योग शुरू करने के लिए लंबे समय से विभाग के चक्कर काट रहा था। आरोपी असिस्टेंट उसे बार-बार चक्कर कटवा रहा था और अंततः उसने सीधे तौर पर पैसों की मांग की। परिवादी ने घुटने टेकने के बजाय भ्रष्टाचार की शिकायत एसीबी को दी, जिसके बाद यह सफल ट्रैप हुआ।
झुंझुनूं में हुई यह कार्रवाई दर्शाती है कि राजस्थान सरकार और एसीबी अब छोटे से छोटे भ्रष्टाचार पर भी सख्त नजर रखे हुए है। विशेष रूप से प्रधानमंत्री की योजनाओं में भ्रष्टाचार करना अब सरकारी कर्मचारियों को भारी पड़ रहा है। एसीबी अब आरोपी नीरज कुमार के आवास और कार्यालय के दस्तावेजों की भी गहनता से जांच कर रही है ताकि अन्य संलिप्तताओं का पता लगाया जा सके।