
सीसीटीवी से ली फोटो: पत्रिका
Fake ECHS Officer Visit In Chirawa Hospitals: झुंझुनूं के चिड़ावा शहर में संचालित कुछ निजी अस्पतालों में बुधवार को ईसीएचएस अधिकारी बनकर पहुंचे कथित आरोपी ने ठगी के प्रयास किए। आरोपी ने खुद को दिल्ली से आर्मी का विजिलेंस ऑफिसर बताते हुए अस्पताल संचालकों से योजना से जुड़ी जानकारी लेते हुए डराने-धमकाने के प्रयास किए। हालांकि अस्पताल संचालकों और ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक, चिड़ावा के अधिकारियों की सतर्कता से वारदात टल गई।
मामला सामने आने के बाद चिड़ावा ईसीएचएस प्रभारी ने टीम को भेजकर कथित ठग को पकड़ने के प्रयास किए। मगर आरोपी कार से फरार हो गया। जानकारी के मुताबिक काले रंग की कार में सवार होकर लेफ्टिनेंट कर्नल की स्टार लगी वर्दी के साथ कथित आरोपी चुंगी नांका के पास निजी अस्पताल पहुंचा। आरोपी ने अस्पताल प्रबंधन को खुद को दिल्ली से ईसीएचएस अधिकारी बताते हुए रिकॉर्ड मांगा। जिस पर अस्पताल प्रबंधन ने जरूरी दस्तावेज दिखा दिए।
यहां काफी देर तक जांच-पड़ताल के बाद कथित आरोपी कार में सवार होकर खेतड़ी रोड के निजी अस्पताल पहुंचा। जहां काफी देर तक रुककर जांच-पड़ताल की कोशिश की। मगर अस्पताल प्रबंधन ने ज्यादा रिस्पॉस नहीं दिया। ऐसे में वर्दीधारी आरोपी खेतड़ी रोड के ही अन्य निजी अस्पताल पहुंच गया। यहां स्टाफ से ईसीएचएस योजना से संबंधित मरीजों की ओपीडी, भर्ती और इलाज से संबंधित दस्तावेज मांगे। अस्पताल स्टाफ ने रिकॉर्ड भी दिखा दिया।
इस बीच अस्पताल के डायरेक्टर भी रिकॉर्ड रूम में आ गए। उन्होंने कथित आरोपी से जरूरी जानकारी चाही तो वे चैंबर में चलने की बात कहने लगे। बाद में अस्पताल के डायरेक्टर ने अपने चैंबर में आर्मी से जुड़ी बातें की तो कुछ शक हुआ।
उधर दूसरे निजी अस्पताल संचालक ने कथित आरोपी की जानकारी अस्पताल के डायरेक्टर और ईसीएचएस पॉली क्लिनिक के प्रभारी कर्नल दलीप सिंह शेखावत को दे दी। इस बीच पॉली क्लिनिक प्रभारी कर्नल शेखावत ने अस्पताल निदेशक से संपर्क कर कथित आरोपी को रोकने की बात कही। मगर आरोपी दूसरे अस्पताल का निरीक्षण कर वापस आने की बात कहकर फरार हो गया।
खुद को लेफ्टिनेंट कर्नल और विजिलेंस ऑफिसर बताकर अस्पताल का निरीक्षण करने आए कथित आरोपी की भनक लगने पर झुंझुनूं के चिड़ावा ईसीएचएस पॉली क्लिनिक के प्रभारी कर्नल दलीप सिंह शेखावत ने सूबेदार मैजर हीरासिंह और एएलडी जितेंद्र कुमार को अस्पताल भेजा। मगर तब तक आरोपी फरार हो चुका था। बाद में अस्पताल प्रबंधन ने आरोपी का पिलोद तक पीछा भी किया। मगर आरोपी किसी दूसरे रास्ते से फरार हो गया।
निजी अस्पताल में ईसीएचएस योजना के निरीक्षण के लिए आया आरोपी आर्मी की वर्दी में था। जिसकी वर्दी पर अशोक स्तंभ और स्टार लगा हुआ था। जिसकी उम्र करीब 30-35 साल के बीच लग रही थी। आरोपी को आर्मी और योजना से जुड़ी काफी जानकारी थी। गाड़ी में आरोपी के अलावा ड्राइवर भी सवार था।
अस्पताल प्रबंधन को पहली बार तो हकीकत में विजिलेंस टीम के पहुंचने का अंदेशा हुआ। मगर बाद में देखा कि खुद को विजिलेंस ऑफिसर बता रहे व्यक्ति के साथ आर्मी का कोई सुरक्षाकर्मी नहीं था। ऐसे में युवक पर शक हुआ। अस्पताल संचालकों ने सतर्कता दिखाते हुए आर्मी से जुड़ी जानकारी मांगी तो आरोपी सकपका गया। खेतड़ी रोड के अस्पताल संचालक ने पॉली क्लिनिक के प्रभारी कर्नल शेखावत से बात करवाई तो कुछ सवालों में उलझ गया। खुद को फंसता देख आरोपी मौके से भाग गया।
निजी अस्पतालों से आर्मी विजिलेंस ऑफिसर के जांच के लिए पहुंचने की शिकायत मिली थी। खुद को विजिलेंस ऑफिसर बता रहे आरोपी से मैंने बात की और कुछ आर्मी कोर और ट्रेड से संबंधित सवाल किए तो वह जवाब नहीं दे पाया। जिस कारण हमें शक हुआ, पॉली क्लिनिक से दो जवानों को पकड़ने के लिए भी भेजा। मगर आरोपी फरार हो गया। जिसकी शिकायत आर्मी हेडक्वार्टर को भेजी जा रही है।
कर्नल दलीप सिंह शेखावत, प्रभारी ईसीएचएस पॉली क्लिनिक, चिड़ावा
Updated on:
25 Jun 2026 11:28 am
Published on:
25 Jun 2026 11:24 am
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