
थाना अधिकारी रंजीत सेवदा ग्रामीणों को समझाइए करते हुए। फोटो पत्रिका
झुंझुनूं। सूरजगढ़ थानाक्षेत्र के उरीका गांव में संचालित कथित अवैध शराब की दुकान पर युवक की संदिग्ध मौत के बाद शुक्रवार को माहौल तनावपूर्ण हो गया। घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर उरीका से हरियाणा के सतनाली जाने वाले मार्ग पर जाम लगा दिया। करीब पांच घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद सूरजगढ़ थाना प्रभारी रणजीत सेवदा की समझाइश और कार्रवाई के आश्वासन पर ग्रामीणों ने प्रदर्शन समाप्त किया। मृतक की पहचान उरीका निवासी संजय सिंह नायक के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाया है। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
मृतक के भाई संदीप ने बताया कि शुक्रवार दोपहर गांव में संचालित अवैध शराब की दुकान के संचालक ने संजय को मजदूरी के लिए बुलाया था। कुछ समय बाद सूचना मिली कि संजय शराब की दुकान के पास मृत अवस्था में पड़ा हुआ है। परिजनों ने आरोप लगाया कि मजदूरी के पैसों के लेन-देन को लेकर दुकान संचालक ने पहले संजय के साथ मारपीट की। इसके बाद कथित रूप से उसे हरियाणा से लाई गई जहरीली शराब पिलाई गई, जिससे उसकी मौत हो गई। हालांकि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
घटना की सूचना मिलते ही सूरजगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने बंद मिली शराब की दुकान का ताला तोड़कर अंदर जांच की और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। घटना के बाद दुकान संचालक और अन्य आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में लंबे समय से तीन अवैध शराब की दुकानें संचालित हो रही हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद इनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन की लापरवाही के कारण यह घटना हुई। ग्रामीणों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, गांव में संचालित अवैध शराब की दुकानों को बंद कराने, मृतक परिवार को आर्थिक सहायता देने और मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मांग रखी।
शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन किए जाने से उरीका से हरियाणा के सतनाली जाने वाला मार्ग पूरी तरह जाम हो गया। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों और परिजनों से लगातार बातचीत की। थाना प्रभारी रणजीत सेवदा ने दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण और परिजन प्रदर्शन समाप्त करने को राजी हुए।
पुलिस ने शव को सड़क से हटवाकर मोर्चरी में रखवाया। पुलिस के अनुसार मेडिकल बोर्ड की निगरानी में पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। फिलहाल पुलिस मौत के कारणों सहित पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।
Updated on:
26 Jun 2026 09:17 pm
Published on:
26 Jun 2026 09:17 pm
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