
Flying Training Organization In Jhunjhunu: झुंझुनूं जिले के विकास को नई उड़ान देने वाली झुंझुनूं हवाई पट्टी पर फ्लाईंग ट्रेनिंग आर्गेनाइजेशन (एफटीओ) की स्थापना का काम धरातल पर नजर आने लगा है। आर्गेनाइजेशन के भवन निर्माण को लेकर लोहे का स्ट्रक्चर खड़ा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं हवाई पट्टी के स्ट्रीप क्षेत्र से प्रस्तावित भवन स्थल तक सड़क निर्माण का काम भी किया जा रहा है। वर्तमान में एफटीओ भवन के लिए लोहे का फाउंडेशन तैयार किया जा रहा है। आने वाले समय में यहां युवाओं को विमान उड़ाने का प्रशिक्षण मिलने की उम्मीद है। इससे झुंझुनूं ही नहीं, बल्कि पूरे शेखावाटी क्षेत्र को हवाई प्रशिक्षण और रोजगार के नए अवसर मिल सकेंगे।
राजस्थान सरकार ने प्रदेश की 29 हवाई पट्टियों के रखरखाव, मरम्मत और उन्नयन के लिए बजट में 105 करोड़ रुपए की घोषणा की है। इसका उद्देश्य हवाई पट्टियों को इस स्तर तक विकसित करना है, जहां चार्टर प्लेन और हेलिकॉप्टर के साथ बड़े विमानों का संचालन भी संभव हो सके।
झुंझुनूं हवाई पट्टी के विस्तार के साथ फ्लाईंग ट्रेनिंग आर्गेनाइजेशन की स्थापना क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे देश-विदेश के युवा यहां विमान उड़ाने का प्रशिक्षण लेने आ सकेंगे। ये योजना न केवल हवाई ढांचे को मजबूत करेगी बल्कि प्रदेश में एविएशन सेक्टर में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। इससे स्थानीय युवाओं को पायलट ट्रेनिंग और तकनीकी क्षेत्रों में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा और क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित होगा।
झुंझुनूं धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यहां राणी सती दादी मंदिर के साथ आसपास खाटूश्यामजी, सालासर हनुमानजी और शाकंभरी माता जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल हैं, जहां बड़ी संख्या में प्रवासी और श्रद्धालु आते हैं। हवाई सुविधा विकसित होने से प्रवासियों का झुंझुनूं से जुड़ाव और बढ़ेगा। इससे पर्यटन को भी नई गति मिलेगी और आने वाले समय में होटल, परिवहन और स्थानीय व्यापार को भी लाभ होगा। हवाई कनेक्टिविटी बेहतर होने से झुंझुनूं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक सुलभ और आकर्षक गंतव्य बन सकेगा।
हवाई पट्टी का विस्तार होने से व्यापार, उद्योग और पर्यटन को नई गति मिलेगी। बड़े विमानों के उतरने की सुविधा मिलने पर झुंझुनूं आर्थिक विकास की नई राह पर आगे बढ़ सकेगा।