झुंझुनू

रक्षाबंधन और स्वाधीनता दिवस रविवार को

इस बार सावन का महीना 25 जुलाई से आरंभ हुआ है। समापन रक्षाबंधन के दिन होगा। पंडित दिनेश मिश्रा बताते हैं कि सावन मास से ही चातुर्मास में कई धार्मिक स्थलों पर स्नान दान ,भ्रमण के दौर शुरू होता है। सावन में भोलेनाथ की स्तुति करने से 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के समान फल की प्राप्ति होती है। सावन में कई महत्वपूर्ण त्योहार और व्रत भी होते हैं। रक्षाबंधन और स्वाधीनता दिवस दोनों ही इस बार रविवार को है।

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Jul 27, 2021
रक्षाबंधन और स्वाधीनता दिवस रविवार को

#sawan 2021
झुंझुनूं. गणगौर से खत्म हुए राजस्थान के लोक पर्व व त्योहार सावन की तीज से शुरू हो जाएंगे। इस माह भाई बहन के प्रेम के प्रतीक रक्षाबंधन सहित कई त्योहार आएंगे। सावन में भगवान शिव की भक्ति शुरू हो गई है वहीं त्योहारों को लेकर घरों में अभी से तैयारी होने लगी है। इस बार सावन का महीना 25 जुलाई से आरंभ हुआ है। समापन रक्षाबंधन के दिन होगा। पंडित दिनेश मिश्रा बताते हैं कि सावन मास से ही चातुर्मास में कई धार्मिक स्थलों पर स्नान दान ,भ्रमण के दौर शुरू होता है। सावन में भोलेनाथ की स्तुति करने से 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के समान फल की प्राप्ति होती है। सावन में कई महत्वपूर्ण त्योहार और व्रत भी होते हैं। रक्षाबंधन और स्वाधीनता दिवस दोनों ही इस बार रविवार को है।

#rakhi2021
प्रमुख व्रत व त्योहार


27 जुलाई - संकष्टी चतुर्थी
28 जुलाई नागपंचमी
2 अगस्त - सावन का दूसरा सोमवार
4 अगस्त - कामिका एकादशी
5 अगस्त - कृष्ण प्रदोष व्रत
6 अगस्त - मास शिवरात्रि
8 अगस्त हरियाली अमावस्या
9 अगस्त- सावन का तीसरा सोमवार
10 अगस्त- सिंजारा
11 अगस्त - हरियाली तीज
13 अगस्त - नागपंचमी
15 अगस्त-स्वतंत्रता दिवस
16 अगस्त - सावन का चौथा सोमवार
18 अगस्त - श्रावण पुत्रदा एकादशी व्रत
20 अगस्त - शुक्ल प्रदोष व्रत
22 अगस्त - रक्षा बंधन

सावन के पहले सोमवार को कई जगह बरसात से मौसम खुशनुमा - झुंझुनूं. शहर से लगते ग्रामीण क्षेत्र में सोमवार दोपहर बाद आधे घंटे तक तेज बरसात और फिर मध्यम बरसात का दौर चलाझुंझुनूं. सावन के पहले सोमवार को झुंझुनूं शहर से लगते ग्रामीण क्षेत्रों में हुई मध्यम दर्जे की बरसात से लोगों को सुकून मिला। खापजुर नया, खाजपुर पुराना, खाजपुर का बास, इंडाली, भैड़ा की ढाणी उत्तरी-दक्षिणी, पुरोहितों की ढाणी समेत जिले के कई गांवों सोमवार दोपहर बाद मौसम का मिजाज बदल गया। घने काले बादलों की आवाजाही के बाद दोपहर ढाई बजे बूंदाबांदी का शुरू हुआ दौर तेज बरसात में बदल गया और आधे घंटे तक तेज और फिर मध्यम बरसात का दौर साढ़े तीन बजे तक चलने से परनाले चलने लगे। वहीं, खेतों में एकबारगी पानी ही पानी हो जाने से किसानों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

Published on:
27 Jul 2021 02:43 pm
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