Paris Paralympics 2024: खिलाड़ी संदीप चौधरी इस बार पेरिस पैरालंपिक में भाला फेंकेंगे।महज 13 वर्ष की उम्र में फुटबॉल मैच खेलते वक्त संदीप के पैर में गंभीर चोट लग गई थी।
झुंझुनूं. गांव मेहाड़ा जाटूवास के खिलाड़ी संदीप चौधरी इस बार पेरिस पैरालंपिक में भाला फेंकेंगे। महज 13 वर्ष की उम्र में फुटबॉल मैच खेलते वक्त संदीप के पैर में गंभीर चोट लग गई थी। डॉक्टरों ने ऑपरेशन किया, लेकिन इससे संदीप का एक पैर छोटा हो गया। जब संदीप आठवीं क्लास में था, तब डॉक्टरों ने कह दिया कि वे सामान्य बच्चों की तरह फुटबॉल खेलने के योग्य नहीं रहे। एक बार तो संदीप को गहरा सदमा लगा, लेकिन संदीप ने अपने ऊपर कभी नकारात्मकता हावी नहीं होने दी। खेल बदला और क्रमवार पदक जीतते गए। उनके गांव मेहाड़ा जाटूवास सहित जिलेवासियों को उमीद है कि संदीप इस बार पेरिस में देश को पदक दिलाएंगे।
पैरा खिलाड़ियों को देखकर शुरू की तैयारी
संदीप ने बताया कि गांव छोड़ने के बाद वे कॉलेज में पढाई के लिए दिल्ली चले गए। वहां पैरा खिलाड़ियों को देखकर फिर से खेलों में आने की उमीद जगी। इसके बाद वे भाला फेंकने की तैयारी करने लग गए।
जीत चुके स्वर्ण पदक, अर्जुन पुरस्कार भी मिला
संदीप के चचेरे भाई प्रमोद लाठर ने बताया कि संदीप ने वर्ष 2018 में जकार्ता में हुए पैरा एशियाई गेस में 60. 61 मीटर भाला फेंक कर विश्व रेकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक जीता था। वहीं 2019 में जापान की कांबी में वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में संदीप ने 60. 41 मीटर भाला फेंक कर कांस्य पदक जीता। संदीप वर्ष 2016 में हुए रियो पैरालंपिक में चौथे स्थान पर रहे। संदीप को वर्ष 2020 में तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द अर्जुन पुरस्कार से समानित कर चुके। संदीप ने बताया कि उसे आगे बढ़ाने में पिता सुभाष चौधरी व मां सुप्यार देवी का विशेष योगदान रहा।