झुंझुनू

झुंझुनूं कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, 2 अगस्त को रेप, 10 दिन में चालान, 29वें दिन फांसी की सजा

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rape accused of jhunjhunu
Jhunjhunu fansi ki saja

झुंझुनूं. राजस्थान में झुंझुनूं कोर्ट ने दुष्कर्म के एक मामले में शुक्रवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। दुष्कर्म के आरोपी युवक को फांसी की सजा (मृत्युदंड) से दण्डित किया गया है। आरोपी विनोद कुमार दौसा जिले के लालसोट का रहने वाला है। फैसला झुंझुनूं पोक्सो न्यायालय की न्यायाधीश नीरजा दाधीच ने सुनाया है। मामले में कोर्ट में चालान पेश होने के महज बीस दिन बाद ही आरोपित को फांसी की सजा सुनाए जाने का राजस्थान का यह संभवतया पहला मामला है।

यह है पूरा मामला

-डीएसपी चांद माल के अनुसार आरोपी दौसा का लालसोट निवासी विनोद है।
-विनोद पिछले कुछ साल से चिड़ावा में रहकर फेरी लगाकर बर्तन बेचने का काम कर रहा था।
-2 अगस्त 2018 को विनेाद फेरी लगाकर बर्तन बेचने के लिए मलसीसर के पास गांव डाबड़ी धीर सिंह आया।
-इस दौरान गांव के एक घर में अपने ननिहाल आई हुई तीन साल की मासूम बच्ची अकेली थी।
-मासूम दिल की बीमारी से भी पीडि़त थी। उसका इलाज चल रहा था।
-मासूम को अकेली देख विनोद ने उसके साथ दुष्कर्म किया और लहूलुहान करके चला गया।
-इसी दौरान आई मासूम की वृद्ध नानी ने उसे जाते हुए देख लिया। बाद में नानी को रेप का पता चला।
-पीडि़त बच्ची चूरू जिले के हमीरवास थाना क्षेत्र की रहने वाली है।
वारदात के समय उसकी मां अपने चाचा से मिलने के लिए चिड़ावा गई हुई थी। वृद्ध नाना बाहर चले गए थे।
-नानी अपने देवर के घर छाछ लेने गई थी। मासूम घर में अकेली ही थी।


ऐसे आया पकड़ में


वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपित चिड़ावा चला गया। चिड़ावा में किराए का मकान ले रखा था। इधर, सूचना पाकर पहुंची मलसीसर पुलिस ने मासूम का बीडीके अस्पताल में उपचार करवाया और नानी के बताए हुलिए के अनुसार जिलेभर में फेरी लगाकर बर्तन बेचने वालों की पड़ताल शुरू की। तब चिड़ावा में विनोद में मिला। उसे हुलिया मिलने पर हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो उसने सच उगल दिया। पुलिस ने भी जघन्य अपराध मानते हुए सक्रियता दिखाते हुए घटना के दस दिन के अन्दर न्यायालय में चालान पेश किया था।

20दिन पहले पत्नी को प्रसव
तीन वर्षीय बालिका से दुष्कर्म का आरोपित विनोद कुमार बंजारा का परिवार चिड़ावा में किराए के मकान में रहता है। फैसला आने पर यह संवाददाता उसके घर पहुंचा तो जानकारी मिली की इस वारदात के बाद इस परिवार ने चिड़ावा कस्बे के भगतों के मोहल्ला घर खाली कर भूतनाथ मंदिर के पास दूसर घर किराए पर ले लिया। न्यायालय ने गुरुवार को विनोद पर आरोप सिद्ध मान लिए। इसके बाद से ही उसका परिवार घर के ताला लगाकर कहीं चला गया। पड़ौसियों ने बताया कि दो दिन से इस मकान पर ताला लगा है। विनोद की पत्नी के 20 दिन पहले ही प्रसव हुआ है। उसके अधिवक्ता ने भी बचाव में न्यायालय में यह तर्कदिया है।

Updated on:
01 Sept 2018 11:59 am
Published on:
31 Aug 2018 05:24 pm