Rajasthan News : झुंझुनूं जिले के सरकारी स्कूलों में नामांकन का हाल बुरा है। आंकड़े खुद अधिकारियों के लिए शर्मनाक हैं। कहीं दो शिक्षकों पर चार बालक हैं तो कही शिक्षक व बालक दोनों दो-दो हैं। कहीं शिक्षक एक है तो पढ़ने वाले दो हैं।
Jhunjhunu News : जिले के सरकारी स्कूलों में नामांकन का हाल बुरा है। आंकड़े खुद अधिकारियों के लिए शर्मनाक हैं। कहीं दो शिक्षकों पर चार बालक हैं तो कही शिक्षक व बालक दोनों दो-दो हैं। कहीं शिक्षक एक है तो पढ़ने वाले दो हैं। जिम्मेदार अधिकारी भी नियमित निरीक्षण नहीं कर रहे, ना ही नामांकन बढ़ाने पर विशेष जोर दे रहे हैं। जिले में कुल 229 सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जहां दस-दस से कम नामांकन हैं। इतना होने के बावजूद जिला प्रशासन के अधिकारी भी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल बुधराम की ढाणी बुहाना में कुल सात पद स्वीकृत हैं। छह कर्मचारी कार्यरत हैं, एक पद खाली हैं। यहां छात्र-छात्राओं की संख्या कुल चार है।
-कम्प्यूटर लैब चालू करवाएं।
-नामांकन बढाएं
-पोषाहार की नियमित जांच करें।
-हर ब्लॉक से उत्कृष्ट परफॉर्मेंस करने वाले दो अध्यापकों को जिला स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।
-प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों का हर माह होगा मूल्यांकन।
-माध्यमिक कक्षाओं के छात्रों के लिए साप्ताहिक टेस्ट लिए जाएंगे।
-बच्चों के होमवर्क की नियमित जांच होगी।
राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल अगूणी ढाणी सोलाना चिड़ावा में सात पद स्वीकृत हैं। कुल छह पद भरे हुए हैं। एक पद खाली है। छात्र-छात्राओं की संख्या भी कुल छह है। इनमें तीन छात्र व तीन छात्राएं हैं।
अलसीसर 18
बुहाना 17
चिड़ावा 18
झुंझुनूं 17
खेतड़ी 28
मंडावा 14
नवलगढ़ 27
पिलानी 18
सिंघाना 17
सूरजगढ़ 21
उदयपुरटी 34
(दस से कम नामांकन वाले स्कूल)
शिक्षा विभाग के कार्यक्रमों के क्रियान्वयन एवं पर्यवेक्षण के लिए जिला निष्पादन समिति की बैठक में बुधवार को जिला कलक्टर चिन्मयी गोपाल काफी नाराज नजर आई। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। कहा, बैठक में केवल पांच बिंदुओं की सूचना लेकर आ गए। कलक्टर ने बैठक में ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों से विद्यालयों में संचालित आईसीटी लैब के बारे में पूछा तो बगलों में झांकने लगे, लैब के बारे में जानकारी नहीं दे पाए।
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