झुंझुनू

Smuggling of green wood : रात के अंधेरे में कट रहे जंगल, हो रही लकडि़यों की तस्करी

उदयपुरवाटी और खेतड़ी वन क्षेत्र से रात के समय तस्कर लकड़ी काटकर गाडि़यों में भरकर ले जाने लगे हैं। उदयपुरवाटी उपखंड के वनों से लकड़ी नीमकाथाना, सिरोही, चला, गुहाला सहित अन्य शहर में बेची जाने लगी हैं। जहां इनकी चिराई कर हरियाणा, दिल्ली, जयपुर सहित अन्य महानगरों में ले जाकर बेचा जाता है।

less than 1 minute read
उदयपुरवाटी वन क्षेत्र में रात के समय गाड़ी में भरकर ले जाते हरी लकड़ी।

जिले के कई स्थानों पर जहां बजरी व पत्थर का बड़े पैमाने पर अवैध खनन हो रहा है। वहीं, सर्दी की आहट के साथ ही जंगलों से हरी लकड़ी की अवैध रूप से कटाई कर शहर व कस्बों में ले जाने का कारोबार भी शुरू हो गया है। छोटे वाहनों में लकड़ी को चोर रास्तों से तस्कर ले जाने लगे हैं। उदयपुरवाटी और खेतड़ी वन क्षेत्र से रात के समय तस्कर लकड़ी काटकर गाडि़यों में भरकर ले जाने लगे हैं। उदयपुरवाटी उपखंड के वनों से लकड़ी नीमकाथाना, सिरोही, चला, गुहाला सहित अन्य शहर में बेची जाने लगी हैं। जहां इनकी चिराई कर हरियाणा, दिल्ली, जयपुर सहित अन्य महानगरों में ले जाकर बेचा जाता है।

...कौन करे कार्रवाई

नीमकाथाना जिला बनने के बाद उदयपुरवाटी उपखंड व खेतड़ी उपखंड को नीमकाथाना में शामिल कर दिया गया। लेकिन दोनों उपखंड क्षेत्र के वन विभाग का संचालन अभी भी झुंझुनूं जिला हेड क्वार्टर से ही हो रहा है। नीमकाथाना सीमावर्ती होने के कारण नीमकाथाना की दूरी मात्र 10 से 12 किलोमीटर है। जबकि झुंझुनूं हेड क्वार्टर की 80 किलोमीटर केे करीब है। कुछ किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद ही जिले बदल जाते हैं, ऐसे में कार्रवाई कौन करे। इससे लकड़ी तस्करों के हौसले बुलंद हो रहे हैं।

इनका कहना है...

मामले की जानकारी संबंधित वनपाल, वनरक्षक कैटल गार्ड से ली जाएगी। कहीं कोई अव्यवस्था है तो उसमें कारवाई की जाएगी। वहीं हरी लकड़ी के अवैध कटाई व निर्गमन करने वालों पर अभियान चलाकर सत कार्रवाई की जाएगी।

विजय कुमार फगेड़िया, क्षेत्रीय वन अधिकारी उदयपुरवाटी

Updated on:
07 Nov 2024 12:47 pm
Published on:
07 Nov 2024 12:46 pm
Also Read
View All

अगली खबर