झुंझुनू

खुद की कमाई से शुरू कर दी फ्री एम्बुलेंस सेवाए, 30 KM के दायरे में मौके पर जाकर खुद करेंगे उपचार

डॉ. अनिल खींचड़ ने अब पशुओं के लिए फ्री एम्बुलेंस सेवा शुरू की है। यह एम्बुलेंस उन्होंने खुद की कमाई से सात लाख रुपए में खरीदी है।वसंत पंचमी पर शुभ मुहूर्त होने के कारण बुधवार को एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई।

2 min read
Feb 15, 2024

झुंझुनूं। वैलेंटाइन डे पर एक युवा का अनूठा प्रेम सामने आया है। पिछले दस साल से जानवरों का नि:शुल्क इलाज कर रहे पशु चिकित्सक डॉ. अनिल खींचड़ ने अब पशुओं के लिए फ्री एम्बुलेंस सेवा शुरू की है। यह एम्बुलेंस उन्होंने खुद की कमाई से सात लाख रुपए में खरीदी है।वसंत पंचमी पर शुभ मुहूर्त होने के कारण बुधवार को एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई। इस एम्बुलेंस में मेडिकल किट, रेस्क्यू किट, जरूरी दवा, एक चालक व टीम का एक सदस्य हर समय मौजूद रहेगा।

नवलगढ़ के पास निवाई गांव के रहने वाले डॉ. अनिल खींचड़ ने बताया कि उनके पिता राजेन्द्र सिंह व मां राजू देवी भी पशु पक्षियों की सेवा करते रहते थे। खींचड़ पहले घायल पशु की सूचना मिलने पर बाइक या कार से मौके पर पहुंचते थे। उन्होंने बताया कि बाइक से घायल जानवरों काे रेस्क्यू करना मुश्किल होता है। साथ ही किट ले जाने में भी परेशानी होती है। इसे देखते हुए एम्बुलेंस में जरूरी उपकरण लगवाए हैं। कुछ उपकरण लग चुके हैं, कुछ तीन दिन में लग जाएंगे।

इनका करेंगे उपचार

सूचना मिलने पर घायल पशु पक्षी के पास पहुचेंगे। वहां उनका प्राथमिक उपचार करेंगे। गंभीर होने पर उसे एम्बुलेंस की सहायता से नयासर के सेल्टर हाउस में लाकर उपचार करेंगे। एम्बुलेंस की डिजाइन इस प्रकार की बनवाई है कि उसमें मोर, कबूतर, चील, हिरण, गोवंश, श्वान व अन्य छोटे जानवरों को आसानी से ले जाया जा सके। वे जिला मुख्यालय से तीस किलोमीटर दूर तक के जानवरों का निशुल्क उपचार करेंगे। एम्बुलेंस सेवा भी वहां तक रहेगी।

बनवा चुके छह मंजिला पक्षी फ्लैट


डॉ. खींचड़ इससे पहले नयासर गांव में पक्षियाें के लिए छह मंजिला फ्लैट बनवा चुके। इसके अलावा सेल्टर हाउस का कार्य चल रहा है। यहां घायल पशुओं का उपचार किया जा रहा है। खींचड़ ने बताया कि इसमें दानदताओं के साथ ही उसकी डॉक्टर पत्नी प्रमोद का भी सहयोग रहता है।

Published on:
15 Feb 2024 10:57 am
Also Read
View All