झुंझुनू

पाकिस्तान के हमले में झुंझुनूं का लाल शहीद, शहादत की सूचना मिली तो बिगड़ी वीरांगना की सेहत

Martyr Surendra Kumar Moga: झुंझुनूं के मंडावा के मेहरादासी गांव निवासी वायुसेना के मेडिकल असिस्टेंट सार्जेंट सुरेन्द्र कुमार मोगा उधमपुर सेक्टर में पाकिस्तान के हवाई हमले में वीरगति को प्राप्त हो गए।
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Updated: 10 May 2025, 7:33 PM IST
Martyr Surendra Kumar Moga

Martyr Surendra Kumar Moga: राजस्थान के शौर्य और बलिदान की धरती झुंझुनूं ने एक और लाल खो दिया है। जिले के मंडावा उपखंड के मेहरादासी गांव निवासी वायु सेना के मेडिकल असिस्टेंट सार्जेंट सुरेन्द्र कुमार मोगा जम्मू-कश्मीर के उधमपुर सेक्टर में पाकिस्तान के हवाई हमले में वीरगति को प्राप्त हो गए। उनकी शहादत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।

देशसेवा में किया सर्वोच्च बलिदान

एयरफोर्स की 39 विंग मेडिकल यूनिट में तैनात सुरेन्द्र कुमार मोगा शनिवार को ड्यूटी पर थे, जब पाकिस्तानी हमले में वे गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्होंने अपने प्राण मातृभूमि पर न्योछावर कर दिए। उनकी शहादत की सूचना उधमपुर स्थित सेना मुख्यालय से शहीद के जीजा जयप्रकाश को दी गई। इसके बाद पूरे गांव में जैसे सन्नाटा पसर गया।

15 अप्रैल को लौटे थे ड्यूटी पर

जानकारी के मुताबिक शहीद सुरेन्द्र कुमार हाल ही में अपने परिवार के साथ 15 अप्रैल को ही ड्यूटी पर लौटे थे। वे अपने पीछे एक 8 साल की बेटी और 5 साल का बेटा छोड़ गए हैं। परिवार वालों ने बताया कि उन्होंने हाल ही में गांव में एक नया घर बनवाया था और कुछ दिन पहले ही गृह प्रवेश किया था। सुरेन्द्र गांव में युवाओं को फौज की तैयारी के टिप्स देते थे और कई युवाओं के प्रेरणा स्रोत थे।

बता दें, शहीद सुरेन्द्र कुमार अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। फिलहाल, उनकी मां को बेटे की शहादत की खबर नहीं दी गई है। वीरांगना सीमा को जब पति सुरेंद्र कुमार की शहादत की सूचना मिली तो उनकी तबीयत बिगड़ गई। उनको अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

यहां देखें वीडियो-


झुंझुनूं कलेक्टर ने की पुष्टि

जिला कलेक्टर रामअवतार मीणा ने पुष्टि करते हुए कहा कि झुंझुनूं के लाल सुरेन्द्र कुमार मोगा ने देश सेवा करते हुए उधमपुर सेक्टर में शहादत दी है। प्रशासन की ओर से हर संभव मदद उपलब्ध करवाई जाएगी। शहीद के चाचा सुभाष मोगा ने बताया कि सुरेन्द्र मिलनसार, विनम्र और अत्यंत देशभक्त स्वभाव के थे। वे अक्सर युवाओं को सेना में भर्ती के लिए प्रेरित किया करते थे।

वहीं, अभी तक सुरेन्द्र कुमार के पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने का समय निर्धारित नहीं हुआ है। जैसे ही तिथि तय होगी, पूरे गांव में श्रद्धा और सम्मान के साथ उनकी अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। भारतीय सेना ने एक वीर सैनिक खोया है, लेकिन देश और राजस्थान पत्रिका को सुरेन्द्र कुमार जैसे अमर शहीद की शहादत पर गर्व है।

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10 May 2025, 7:33 PM IST
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