पिछले साल सितम्बर में सीआरपीएफ में बतौर सहायक कमांडेंट नियुक्त हुई हैं। वर्तमान में झारखंड के हजारीबाग जिले के चुरचु उपखंड में सीआरपीएफ की 22वीं बटालियन में सेवाएं दे रही हैं।
अन्नू नौवाल...। 27 साल की बहादुर बेटी...। सहायक कमांडेंट है। आतंक इससे खौफ खाता है। इसे देखते ही नक्सलियों की रूह कांप उठती है। ये पिलानी के वार्ड 13 की रहने वाली हैं। पिछले साल सितम्बर में सीआरपीएफ में बतौर सहायक कमांडेंट नियुक्त हुई हैं। वर्तमान में झारखंड के हजारीबाग जिले के चुरचु उपखंड में सीआरपीएफ की 22वीं बटालियन में सेवाएं दे रही हैं।
एनसीसी से पैदा हुआ था देश सेवा का जज्बा
अन्नू ने पिलानी से ही अपनी पढ़ाई की है। स्कूल के समय से ही इसने एनसीसी ज्वाइन कर ली थी। अन्नू बताती हंै कि जब उसने पहली बार एनसीसी की डे्रस पहनी थी तभी ठान लिया था कि 'खाकी' वर्दी पहनकर देश की सेवा करूंगी।
महिला बटालियन की कमान
नक्सलवाद से प्रभावित उग्रवाद प्रभावित हजारीबाग जिले के चुरचु उपखंड में अन्नू के हाथ में सीआरपीएफ की महिला बटालियन कमान है। हथियारों से लैस होकर अन्नू अपनी बटालियन के साथ नक्सलियों के गढ़ में उनसे लोहा ले रही है।दिनभर घने जंगलों में गश्त करती हैं।
पिता हैं अकाउंटेंट
अन्नू के पिता सुरेश कुमार नौवाल बिरला विद्यापीठ में अकाउंटेंट हैं। मां रेखा गृहणि हैं।दो बहन व एक भाई में अन्नू सबसे बड़ी है। बहन दिल्ली में पढाई कर रही है व भाई दुबई में काम करता है। होनहार अन्नू दो बार भारतीय प्रशासन सेवा की परीक्षा भी उत्तीर्ण कर चुकी है, मगर इंटरव्यू तक ही पहुंच पाई।