खेतड़ी की रानी की लक्ष्मण जी में गहरी आस्था थीं। वह लक्ष्मण जी की नियमित पूजा करती थीं। लक्ष्मण जी को ही ककराना गांव का (राजा) ठाकुर माना जाता है।
राजस्थान में भरतपुर के अलावा झुंझुनूं जिले के ककराना गांव में भी लक्ष्मण जी का मंदिर है। संवत 1836 खेतड़ी के महाराजा बख्तार सिंह ने पुत्र प्राप्ति की मन्नत पूरी होने पर इस मंदिर का निर्माण करवाया था। क्योंकि खेतड़ी की रानी की लक्ष्मण जी में गहरी आस्था थीं। वह लक्ष्मण जी की नियमित पूजा करती थीं। लक्ष्मण जी को ही ककराना गांव का (राजा) ठाकुर माना जाता है। उदयपुरवाटी उपखंड के ककराना गांव में स्थित इस मंदिर में लक्ष्मण के साथ उनकी पत्नी उर्मिला व हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित है। यह प्रतिमाएं अष्टधातु से निर्मित हैं। गांव के उपसरपंच कमल स्वामी ने बताया कि टोली ढाणी बबाई से आए स्वामी परिवार की चौथी पीढ़ी इस मंदिर की पूजा कर रही है। इससे पूर्व ककराना के निवासी नृसिंह दास स्वामी इसकी पूजा करते थे। उन्होंने अपनी बहन के बेटों को टोली की ढाणी बबाई से ककराना लाकर उनको पूजा का अधिकार दिया व ककराना में उनका बसाया। मंदिर पुजारी राधेश्याम स्वामी ने बताया कि मंदिर में रामनवमी, जन्माष्टमी, जलझूलनी एकादशी, शरद पूर्णिमा, धुलण्डी महोत्सव सहित कई धार्मिक कार्यक्रम होते हैं।
सबसे पहले लक्ष्मण जी की पूजा
गांव में होने वाले हर मांगलिक कार्य में सर्वप्रथम लक्ष्मणजी के मंदिर में पूजा अर्चना की जाती है। लक्ष्मण मंदिर जन कल्याण ट्रस्ट के सचिव ईश्वर सिंह शेखावत ने बताया कि होली के दूसरे दिन धुलंडी पर सभी राजपूत परिवार यहां एकत्रित होते हैं व सर्वप्रथम लक्ष्मण जी से रामा-श्यामा करके ही आगे निकलते हैं। यह परंपरा मंदिर निर्माण से ही चली आ रही है।