
झुंझुनूं. नवलगढ़ विधायक डॉ. राजकुमार शर्मा के गांव में लोगों को राजकीय स्वास्थ्य सेवाओं के लिए परेशान होना पड़ रहा है। उनके गांव परसरामपुरा स्थित राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रोगियों की जांच के लिए लगाई गई एक्सरे मशीन धूल फांक रही है। कारण एक्सरे मशीन को संचालित करने के लिए रेडियोग्राफर नहीं है। ऐसे में एक्सरे मशीन रोगियों के कोई काम नहीं आ रही है। चिकित्सक यदि किसी रोगी को एक्सरे की जांच लिख देते हैं तो इसके लिए रोगियों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। वहीं रोगियों को आर्थिक रूप से चपत भी लग रही है।
जानकारी के अनुसार अस्पताल में वर्ष 2013 में एक्सरे मशीन की सुविधा शुरू हुई थी। एक्सरे मशीन को संचालित करने वाले सहायक रेडियोग्राफर बनवारी लाल की करीब एक वर्ष पूर्व पदोन्नति पर उसका स्थानान्तरण बिसाऊ के स्वास्थ्य केन्द्र में हो गया। वहीं सहायक रेडियोग्राफ का एक पद शुरू से ही रिक्त पड़ा हुआ है। बनवारी लाल के जाने के साथ ही एक्सरे मशीन कक्ष पर ताला लटका दिया गया। मशीन पर धूल जमी हुई है। एक्सरे जांच नहीं होने का खामियाजा रोगियों को उठाना पड़ रहा है। ऐसा नहीं है कि इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को नहीं है इसके बावजूद रोगियों की इस समस्या की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
नवलगढ़ या उदयपुरवाटी के चक्कर
जानकारी के अनुसार अस्पताल में आने वाले रोगियों में प्रतिदिन करीब छह-सात रोगियों को एक्सरे की जांच चिकित्सकों की ओर से लिखी जाती है। अस्पताल में एक्सरे की सुविधा नहीं होने के कारण रोगियों को मजबूरी में एक्सरे की जांच के लिए नवलगढ़ या फिर उदयपुरवाटी जाना पड़ता है। इससे उन्हें न सिर्फआर्थिक रूप से चपत लग रही है बल्कि परेशानी भी उठानी पड़ रही है।
इन गांवों से रोगी पहुंचते हैं अस्पताल
जानकारी के अनुसार अस्पताल में उपचार के लिए परसरामपुरा के अलावा आस-पास के कई गांवों से रोगी आते हैं। भोजनगर, टोंकछीलरी, ढेवा की ढाणी, पुजारी की ढाणी, देवगांव, गोठड़ा आदि गांवों से रोगी बीमार होने पर परसरामपुरा के अस्पताल में ही उपचार के लिए पहुंचते हैं।
इनका कहना है-
रेडियोग्राफर नहीं होने के कारण अस्पताल में एक्सरे की जांच नहीं हो पा रही है। इसको लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया हुआ है।
डॉ.वीरेन्द्र कुमावत, प्रभारी, राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, परसरामपुरा।