जहां घटना हो रही है, उसके निकट, बड़े बड़े अफसरों के सरकारी आवास हैं। तहसील कार्यालय है, लेकिन फिर भी अपराधी दुस्साहस कर रहे हैं।
अंधेरे में जैसे ही जिंदा गोवंश पर तेजाब डाला जाता है वे रात भर रंभाते रहते हैं। इधर-उधर सड़कों पर रात भर भटकते रहते हैं। घाव ऐसे हो गए किए आमजन तो देख भी नहीं सकते। लेकिन गोवंश पर तेजाब डालने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। यह घटना राजस्थान के झुंझुनूं शहर में सर्किट हाउस के ठीक पीछे की तरफ किसान कॉलोनी के आस-पास के क्षेत्र में हो रही है। बरसात के महीने में भी गोवंश पर तेजाब डाला गया था, तब लोगों ने जिला कलक्टर को लिखित में ज्ञापन भी दिया था, लेकिन इस ज्ञापन पर किसी के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके चलते तेजाब डालने वालों का दुस्साहस फिर बढ गया।अब पंद्रह दिन से फिर से गोवंश पर तेजाब डाला जा रहा है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा। जबकि शहर का पटवार घर भी इसी क्षेत्र में है। जिले के सबसे बड़े अधिकारियों के आवास भी इसी क्षेत्र में है। गोवंश पर हुए घाव खुद इसके सबूत बता रहे हैं कि उन पर जख्म तेजाब के ही हैं। लेकिन गाेवंश की चिंता कोई नहीं कर रहा। पिछली बार पशु चिकित्सक डॉ. अनिल खींचड़ ने गोवंश का निशुल्क उपचार किया था।
एक बार तो संगठनों ने कलक्टर को ज्ञापन दिया, लेकिन गोवंश को बचाने के नाम पर बने अनेक कागजी संगठनों ने अब चुप्पी साध ली है। वे भी अब तेजाब फेंकने वालों पर कार्रवाई करने की मांग नहीं उठा रहे।
सोचनीय बात यह है यह घटना जिस क्षेत्र में हाे रही हैं, वहीं जिले के सबसे बड़ेअधिकारी कलक्टर, पुलिस के सबसे बड़ेअधिकारी एसपी, एडीएम, एएसपी रहते हैं। पटवार मुख्यालय भी यहीं है। तहसील कार्यालय तो यहां से मात्र दौ सौ मीटर दूर है, लेकिन कोई भी आरोपियों की पहचान कर उनको गिरफ्तार नहीं करवा पा रहा।