31 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान की ‘हॉकी वाली सरपंच’ नीरू यादव ने किया कमाल, KBC में जीते लाखों के इनाम से बदल दी सरकारी स्कूल की सूरत

राजस्थान के झुंझुनूं जिले की एक महिला सरपंच इन दिनों चर्चा का विषय बन गई हैं। उन्होंने कौन बनेगा करोड़पति (केबीसी) में जीते लाखों रुपयों से सरकारी स्कूल को प्राइवेट स्कूल जैसा बनवा दिया है।

3 min read
Google source verification
Neeru Yadav Sarpanch

सरपंच नीरू यादव (फोटो-पत्रिका)

झुंझुनूं। ‘हॉकी वाली सरपंच’ के नाम से पहचान बना चुकीं नीरू यादव ने कौन बनेगा करोड़पति से जीती पूरी राशि को गांव के बच्चों की शिक्षा पर खर्च कर एक नई मिसाल कायम की है। उन्होंने लाम्बी सहड़ स्थित शहीद सुरेश कुमार राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में अत्याधुनिक ‘बाल वाटिका’ का निर्माण कराया है, जिसका उद्घाटन रविवार को शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने किया।

नीरू यादव को सितंबर 2023 में केबीसी में जाने का मौका मिला। उस समय उन्होंने 6.70 लाख रुपए की राशि जीती और मंच से महानायक अमिताभ बच्चन से वादा किया था कि पूरी इनामी राशि शिक्षा के लिए समर्पित करेंगी। नीरू ने केबीसी में जीती राशि और स्वंय द्वारा संचालित आदित्री फाऊंडेशन में एकत्र धनराशि को बच्चों की शिक्षा के नाम किया है।

सरकारी स्कूल में प्राइवेट प्ले-स्कूल जैसा माहौल

यह बाल वाटिका किसी महंगे निजी स्कूल से कम नहीं है। रंग-बिरंगी दीवारें, आकर्षक अल्फाबेट-नंबर डिजाइन, पशु-पक्षियों और नैतिक शिक्षा से जुड़ी पेंटिंग्स, आधुनिक झूले और खेल सामग्री, सब कुछ इस तरह तैयार किया गया है कि बच्चे स्कूल को बोझ नहीं, आनंद का स्थान समझें।

बुक-फ्री लर्निंग पर जोर

नीरू यादव का मानना है कि शुरुआती कक्षाओं में बच्चों पर किताबों का दबाव डालने के बजाय विजुअल और एक्टिविटी आधारित पढ़ाई ज्यादा असरदार होती है। इसी सोच के तहत बाल वाटिका को ‘बुक-फ्री लर्निंग’ कॉन्सेप्ट पर विकसित किया गया है, जहां बच्चे खेल-खेल में सीखेंगे।

शिक्षा तक पहुंच के लिए परिवहन सुविधा

ग्रामीण क्षेत्र में दूरी बड़ी बाधा होती है। इसे ध्यान में रखते हुए पांच किलोमीटर के दायरे में बच्चों को लाने-ले जाने के लिए वाहन की व्यवस्था भी की गई है, ताकि कोई बच्चा सिर्फ दूरी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे।

संस्कार और आधुनिकता का संतुलन

बाल वाटिका को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यहां बच्चे आधुनिक शिक्षा पद्धति के साथ भारतीय संस्कारों और नैतिक मूल्यों से भी परिचित हों। इस पहल से सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ने और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद की जा रही है।

इनाम से बड़ा सुकून बच्चों की मुस्कान में

नीरू यादव कहती हैं कि ‘इस राशि को निजी सुख-सुविधाओं पर खर्च करने के बजाय गांव के बच्चों के भविष्य में लगाना मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान है। बच्चों की मुस्कान और उनकी शिक्षा में योगदान से जो सुकून मिला है, वह किसी भी इनाम से कहीं बड़ा है।’

पंचायत से अंतरराष्ट्रीय मंच तक

लांबी अहीर ग्राम पंचायत की सरपंच नीरू यादव अमेरिका में पंचायती राज संस्थाओं पर आयोजित कार्यक्रमों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। साथ ही उनकी ओर से शुरू किया गया ‘बैंक बर्तन’ मॉडल भी प्रदेश में अपनाया जा चुका है। हाल ही दिल्ली में आयोजित सरपंच शक्ति में देश की 50 चयनित सरपंचों में ‘हॉकी वाली सरपंच’ भी शामिल हुई थीं। इस पूरी पहल में उनके पति इंजीनियर अशोक यादव और परिवार का सक्रिय सहयोग रहा।

Story Loader