उच्च न्यायालय ने माध्यमिक शिक्षा परिषद (मशिप) की 2011 की अध्यापक भर्ती को जारी रखने और परिणाम घोषित करने का निर्देश दिया है।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने माध्यमिक शिक्षा परिषद (मशिप) की 2011 की अध्यापक भर्ती को जारी रखने और परिणाम घोषित करने का निर्देश दिया है। उच्च न्यायालय ने कहा है कि अभ्यर्थियों का चयन याचिका के निर्णय पर निर्भर करेगा। उच्चतम न्यायालय ने उच्च न्यायालय द्वारा परिषद के दो सदस्यों को अयोग्य करार देने के आदेश पर रोक लगा दी है। इसलिए अध्यापकों के चयन में कोई रोक नहीं है।
न्यायमूर्ति बी अमित स्थालकर ने हरिश्चंद्र दीक्षित एवं 19 अन्य की याचिका पर यह आदेश दिया है। न्यायालय ने याचिकाओं को उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद पेश करने का निर्देश दिया है। याचिका में 27 अगस्त और 29 जून 2011 तथा 31 जुलाई 2018 की अध्यापक भर्ती को यह कहते हुए चुनौती दी गई है कि परिषद के कुछ सदस्य योग्य नहीं है।
न्यायालय ने दो सदस्यों को अयोग्य करार दिया है। न्यायालय को बताया गया कि सदस्यों को अयोग्य करार देने के आदेश पर रोक है किन्तु भर्ती पर उच्चतम न्यायालय ने रोक नहीं लगाई है। इस पर न्यायालय ने राज्य सरकार और परिषद को भर्ती प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है।