Professional course : डिजिटलाइजेशन के दौर में स्टार्टअप से लेकर बड़ी-बड़ी कंपनियों के वर्किंग पैटर्न में बदलाव आ रहा है। कंपनियां स्मार्ट वर्क कल्चर को अपना रही हैं। कंपनियों की निर्भरता आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस
Professional course : जयपुर. डिजिटलाइजेशन (Digitalization) के दौर में स्टार्टअप से लेकर बड़ी-बड़ी कंपनियों के वर्किंग पैटर्न में बदलाव आ रहा है। कंपनियां स्मार्ट वर्क कल्चर को अपना रही हैं। कंपनियों की निर्भरता आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) समेत अन्य तकनीकी टूल्स पर बढ़ गई है, जिससे उनका एक घंटे का काम कुछ ही मिनट में हो रहा है।
अब कंपनियां ऐसे लोगों को अपनी टीम में शामिल कर रही हैं, जिन्हें एAI से लेकर मीडिया मार्केटिंग, कोडिंग का भी ज्ञान हो। ऐेसे में तकनीकी कोर्सेज के आधार पर यंगस्टर्स को पैकेज ऑफर किए जा रहे हैं। बड़ी कंपनियां अनुभव की तुलना में डिजिटल नॉलेज को अधिक प्राथमिकता दे रही हैं।
यंगस्टर्स अपनी ग्रोथ को बढ़ाने के लिए अब वर्किंग प्रोफेशनल्स ऑनलाइन और ऑफलाइन तकनीकी कोर्सेज कर रहे हैं। इन कोर्स की बढ़ती डिमांड को देखते हुए गूगल और मेटा जैसे बड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म लोगों को कई नए कोर्सेज ऑफर कर रहे हैं। शहर के गोपालपुरा, लाल कोठी, प्रतापनगर में भी कई ऐसे इंस्टिट्यूट है, जो ऑफलाइन कोर्स करवा रहे हैं। ऐसे में यंगस्टर्स का रुझान इन कोर्सेज की तरफ बढ़ रहा है।
ट्यूटर नंदनी चटोपाध्याय ने बताया कि वर्क कल्चर के बदलते पिछले वर्षों में तकनीकी कोर्स की डिमांड बढ़ गई है। अधिकतर कंपनियां वर्ल्ड वाइड पहुंच बनाने के लिए मल्टी-फंक्शनिंग कर्मचारियों की मांग कर रही हैं। ऐसे में यंगस्टर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ ही एसीओ लर्निंग, कोडिंग, कंटेंट मार्केटिंग, एड जनरेशन, डाटा माइनिंग, फूल स्टेक डवलपमेंट समेत कई कोर्स कर रहे हैं।
सी-स्कीम निवासी अनुज गुप्ता ने बताया कि उन्होंने 6 महीने पहले डेटा साइंस का प्रोफेशनल कोर्स करना शुरू किया। इसमें उन्हें कई प्रकार की प्रोग्रामिंग सिखाई जा रही है। साथ ही एल्गोरिदम्स, मशीन लर्निंग सहित कई नई चीजें सीखने को मिल रही हैं। उनका कहना है कि विदेशों में एआइ तकनीक संबंधित जानकारी को पहली प्राथमिकता दी जा रही है।
नंदपुरी निवासी सोनम मीणा ने बताया कि पिछले दो सालों में उन्होंने सोशल मीडिया मार्केटिंग, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट एवं क्लाउड कम्प्यूटिंग का प्रोफेशनल कोर्स किया। जब उन्होंने अपनी जॉब छोड़ दूसरी नौकरी चुनी, तो उन्हें वेतन में 40 फीसदी की बढ़ोतरी मिली।