देश के राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) में करीब 2200 शिक्षकों के पद खाली हैं जिन्हें भरने की प्रक्रिया दिसंबर में शुरू हो जाएगी। यह फैसला राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी वैज्ञानिक शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान की 12वीं बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने की।
देश के राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) में करीब 2200 शिक्षकों के पद खाली हैं जिन्हें भरने की प्रक्रिया दिसंबर में शुरू हो जाएगी। यह फैसला राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी वैज्ञानिक शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (National Institute of Technology, Science Education and Research) की 12वीं बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने की। बैठक में एनआईटी के निदेशकों और संचालन समिति के अध्यक्षों ने भाग लिया। बैठक में यह फैसला लिया गया कि एनआईटी में शिक्षकों की नियुक्ति के नियमों में गड़बडिय़ों को दूर करने के लिए ओवरसाइट कमेटी की सिफारिशों को स्वीकार किया जाएगा।
बैठक में एनआईटी और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग साइंस एंड टेक्नोलॉजी में अनुसूचनित जाति एवं जनजाति के एमटेक आदि छात्रों को ट्यूशन फी माफ करने का फैसला लिया गया। बैठक में भूकंप रोधक ढांचे बनाने, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, रोबोटिक्स, भूमिगत जल का आकलन आदि विषयों के बारे में विशेष ध्यान केंद्रित करने का फैसला लिया गया। इसके अलावा फीट इंडिया, जल शक्ति अभियान और प्लास्टिक मुक्त परिसर को बनाने और हर छात्र को एक पेड़ लगाने की योजना के बारे में भी चर्चा हुई।