केबिनेट ने राज्य के 5178 अस्थाई शिक्षकों को 1 अक्तूबर 2019 से पूरे वेतनमान के साथ नियमित करने का निर्णय लिया है।
केबिनेट ने राज्य के 5178 अस्थाई शिक्षकों को 1 अक्तूबर 2019 से पूरे वेतनमान के साथ नियमित करने का निर्णय लिया है। इन शिक्षकों में वर्ष 2014, 2015 और 2016 में शिक्षा विभाग द्वारा भर्ती किए 5178 अध्यापकों में से 5078 मास्टर कैडर और 100 क्लासिकल एंड वर्नाकुलर (सी एंड वी) अध्यापक हैं। केबिनेट ने इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग में 650 नर्सों को भी नियमित करने को मंजूरी दे दी है। उल्लेखनीय है कि ये नर्सें कई दिनों से नियमित करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रही थी।
पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के घर पर हुए केबिनेट की मीटिंग में यह भी फैसला लिया गया है कि टीचर्स के लिए प्रोबेशन पीरियड तीन वर्ष के बजाय दो वर्ष कर दिया जाएगा। इससे उन टीचर्स को फायदा होगा जिनका दो वर्ष का प्रोबेशन काल पूरा हो चुका है। इन अध्यापकों को वर्तमान में 7,500 रुपए महीना तनख्वाह मिल रही है जो इस आदेश के बाद न्यूनतम 15,300 रुपए प्रति महीना हो जाएगी। अध्यापकों की वरिष्ठता उनके प्रोबेशन का समय पूरा होने की तारीख के आधार पर तय की जाएगी।
कमेटी हुई गठित
शिक्षा मंत्री ओपी सोनी ने बताया कि इस मुद्दे पर विचार करने के लिए कैबिनेट सब कमेटी का गठन किया गया है। इसके अलावा शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों व अधिकारियों की कमेटी का गठन किया गया है। पहले यह कमेटी शिक्षकों को नियमित करने के मामले में अपनी रिपोर्ट कैबिनेट की सब कमेटी को सौंपेगी और सब कमेटी विचार कर मुख्यमंत्री को रिपोर्ट सौंपेगी। सब कमेटी को यह रिपोर्ट सौंपने के लिए 90 दिन का समय दिया गया है।