स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड ( SAIL ) ने कच्चा माल प्रभाग (RMD) के तहत अनुबंध विशेषज्ञ आधार पर चिकित्सा विशेषज्ञ
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड ( SAIL ) ने कच्चा माल प्रभाग (RMD) के तहत अनुबंध विशेषज्ञ आधार पर चिकित्सा विशेषज्ञ, चिकित्सा अधिकारी और दंत चिकित्सक के 21 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। सेवानिवृत्त डॉक्टरों सहित योग्य उम्मीदवार 16 से 25 जनवरी 2018 तक साक्षात्कार में सम्मिलित हो सकते हैं।
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड ( SAIL ) में रिक्त पदों का विवरणः
कुल पद - 21
चिकित्सा विशेषज्ञ - 13 पद
चिकित्सा अधिकारी - 6 पद
दंत चिकित्सक - 2 पद
पात्रता मानदंड व शैक्षिक योग्यता और अनुभव:
मेडिकल अधिकारियों के लिए एमबीबीएस, दंत चिकित्सक के लिए बीडीएस, प्रासंगिक अनुशासन पीजी डिग्री/ पीजी डिप्लोमा, मेडिकल विशेषज्ञों के लिए सरकार से मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/ संस्थान से योग्यता सभी पदों के लिए एक वर्ष का अनुभव।
आयु सीमा: 70 साल
आवेदन कैसे करें:
पात्र उम्मीदवार 16 से 25 जनवरी 2018 तक साक्षात्कार में सम्मिलित हो सकते हैं।
अधिसूचना विवरण:
अधिसूचना संख्या - आरएमडी / के / पीआरएस / एफ-13/2017/1698
साक्षात्कार तिथि:
दुर्गापुर - 16 जनवरी 2018 से 10.00 पूर्वाह्न से 1.00 बजे तक
बोकारो - 17 जनवरी 2018 से 10.00 पूर्वाह्न से 1.00 बजे तक
रांची - 18 जनवरी 2018 से 10.00 पूर्वाह्न से 1.00 बजे तक
राउरकेला - 19 जनवरी 2018 से 10.00 पूर्वाह्न से 1.00 बजे तक
भुवनेश्वर - 20 जनवरी 2018 से 10.00 पूर्वाह्न से 1.00 बजे तक
टाटानगर - 23 जनवरी 2018 से 10.00 पूर्वाह्न से 1.00 बजे तक
कोलकाता - 25 जनवरी 2018 से 10.00 पूर्वाह्न से 1.00 बजे तक
SAIL recruitment Notification 2017:
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड ( SAIL ) ने कच्चा माल प्रभाग (RMD) के तहत अनुबंध विशेषज्ञ आधार पर चिकित्सा विशेषज्ञ, चिकित्सा अधिकारी और दंत चिकित्सक के 21 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए विस्तृत अधिसूचना यहां क्लिक करें।
स्टील अथॉरिटी ऑफ़ इण्डिया लिमिटेड ( SAIL ) परिचयः
भारतीय इस्पात प्राधिकरण (स्टील अथॉरिटी ऑफ़ इण्डिया लिमिटेड (सेल)) भारत की सर्वाधिक इस्पात उत्पादन करने वाली कम्पनी है। यह पूर्णतः एकीकृत लोहे और इस्पात का सामान तैयार करती है। कम्पनी में घरेलू निर्माण, इंजीनियरी, बिजली, रेलवे, मोटरगाड़ी और सुरक्षा उद्योगों तथा निर्यात बाजार में बिक्री के लिए मूल तथा विशेष, दोनों तरह के इस्पात तैयार किए जाते हैं। यह भारत सरकार की पूर्ण-स्वामित्व प्राधिकरण है।