पिछड़ा वर्ग संशोधन अधिनियम 2019
शैक्षणिक संस्थानों व सरकारी नौकरियों में गुर्जर सहित 5 जातियों को 5 प्रतिशत अति पिछड़ा आरक्षण के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दखल से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और जस्टिस दीपक गुप्ता की खंडपीठ ने अरविंद शर्मा व अन्य की विशेष अनुमति याचिका खारिज कर दी।
फरवरी में राज्य सरकार ने राजस्थान पिछड़ा वर्ग संशोधन अधिनियम 2019 के तहत गुर्जर, रायका-रेबारी, गादिया लुहार, बंजारा और गड़रिया को अति पिछड़ा वर्ग को 5 फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया था। इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। इस आरक्षण पर रोक नहीं लगने पर यह विशेष अनुमति याचिका दायर हुर्ई थी।
याचिकाकर्ताओं का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत तय की थी, इसलिए गुर्जर व अन्य जातियों को अलग से 5 प्रतिशत आरक्षण नहीं दिया जा सकता। इस आरक्षण के कारण 50 प्रतिशत की सीमा पार हो गई है, इसलिए यह असंवैधानिक है। मगर, हाईकोर्ट ने इस पर रोक नहीं लगाई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, याचिका हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के खिलाफ है, इसलिए दखल नहीं दिया जाएगा।