
जोधपुर। देश में मानसून से पहले मौसम ने ऐसा रूप दिखाया है, जो सामान्य वर्षों में कम ही देखने को मिलता है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के इंसैट-3डीएस सेटेलाइट ने सोमवार शाम एक विशाल तूफानी बादल पट्टी को रिकॉर्ड किया, जो जोधपुर से लेकर तेलंगाना के हैदराबाद तक करीब 1600 किलोमीटर लंबी दिखाई दी। मौसम वैज्ञानिक इसे प्री-मानसून गतिविधियों का असाधारण उदाहरण मान रहे हैं। सोमवार शाम को जोधपुर में तूफानी बारिश हुई थी। इसका सिलसिला पूरी पट्टी तक फैला हुआ था।
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सेटेलाइट तस्वीरों में जोधपुर और पश्चिमी राजस्थान से शुरू होकर मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना तक घने गर्जना वाले बादलों की लगभग निरंतर श्रृंखला नजर आई। इसके अलावा ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और हिमालयी क्षेत्रों में भी व्यापक बादल छाए रहे। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में देश के लगभग 70 से 80 प्रतिशत हिस्से में किसी न किसी रूप में आंधी, बारिश या गर्जन वाले बादलों की गतिविधियां चल रही हैं।
पिछले कुछ दिनों से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों के साथ अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी ने वातावरण में अस्थिरता बढ़ा दी है। इसी कारण देश के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर तूफानी बादलों का विकास हुआ। इसका सीधा असर तापमान पर भी पड़ा है। जिन क्षेत्रों में कुछ सप्ताह पहले तक भीषण लू चल रही थी, वहां अब बादलों, वर्षा और तेज हवाओं के कारण अधिकतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी व्यापक बादल गतिविधि यह संकेत दे रही है कि वातावरण दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति के लिए अनुकूल होता जा रहा है।
वहीं दूसरी तरफ जोधपुर शहर में पिछले चार वर्षों के नौतपा के दौरान तापमान के आंकड़े एक दिलचस्प और लगभग स्थाई पैटर्न सामने ला रहे हैं। वर्ष 2023 से 2026 तक का रिकॉर्ड बताता है कि नौतपा के पहले तीन दिन तापमान लगातार बढ़ता है और तीसरे दिन गर्मी अपने चरम पर पहुंचती है। इसके बाद तापमान में गिरावट का सिलसिला शुरू हो जाता है, जबकि आठवें और नौवें दिन पारा अक्सर सबसे निचले स्तर पर पहुंच जाता है।
इस साल 25 मई को 40.4 डिग्री से शुरू हुआ तापमान 27 मई को बढ़कर 43.6 डिग्री तक पहुंच गया। इसके बाद लगातार गिरावट दर्ज हुई और नौतपा के अंतिम दिन 2 जून को अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री रह गया। पिछले वर्ष 2025 में भी 25 मई से 27 मई तक तापमान 42.3 से बढ़कर 44.3 डिग्री पहुंचा और फिर धीरे-धीरे घटते हुए अंतिम दिन 39.1 डिग्री पर आ गया।