राजस्थान में शराब की खपत लगातार बढ़ रही है और चालू वित्तीय वर्ष के नौ माह में ही 55.86 करोड़ लीटर शराब की बिक्री दर्ज हुई है। खपत में जयपुर सबसे आगे रहा, जबकि प्रतापगढ़ में सबसे कम शराब पी गई।
संदीप पुरोहित
जोधपुर। प्रदेश में आबकारी महकमा मालामाल हो रहा है। चालू वित्तीय वर्ष के सिर्फ नौ माह में ही राजस्थान में शराब पीने के शौकीनों ने 55.86 करोड़ लीटर शराब गटक ली। सर्वाधिक जयपुर में 5.38 करोड़ लीटर शराब की बिक्री हुई है। वहीं, जोधपुर में 3.32 करोड़ लीटर शराब बेची जा चुकी है। इसके उलट प्रतापगढ़ के लोगों ने सिर्फ 54.77 लाख रुपए की शराब पी।
आबकारी विभाग की ओर से शराब की एक ही दुकान पर चार तरह की शराब मुहैया करवाई जा रही है। इसमें इंडियन मेड फॉरेन लिकर (आइएमएफएल) (अंग्रेजी), बीयर, राजस्थान मेड लिकर (आरएमएल) व कन्ट्री लिकर (सीएल) (देसी) शामिल हैं। बीते नौ माह में 1078.98 लाख लीटर आरएमएफएल यानि अंग्रेजी शराब, 2210.10 लाख लीटर बीयर, 392.72 लाख लीटर आरएमएल और 1905.04 लाख लीटर सीएल यानि देसी शराब की बिक्री हुई है।
आबकारी महकमे से शराब बिक्री के आंकड़ों की मानें तो जयपुर सिटी में सबसे अधिक शराब पी गई। जयपुर सिटी व ग्रामीण के आंकड़े मिलाए जाएं तो अप्रेल से दिसम्बर तक 776.25 लाख लीटर शराब पी चुके हैं।
प्रतापगढ़ जिला राजस्थान के अन्य जिलों में रहने वाले लोगों के लिए आदर्श बन रहा है। राज्य के अन्य जिलों की तुलना में प्रतापगढ़ में सबसे कम शराब पी जा रही है। प्रतापगढ़ में 6.37 लाख लीटर अंग्रेजी शराब, 28.75 लाख लीटर बीयर, 5.67 लाख लीटर आरएमएल और 13.98 लाख लीटर देसी शराब पी गई।