
साध्वी प्रेम बाईसा। फाइल फोटो- पत्रिका
Sadhvi Prem Baisa Death Case: साध्वी प्रेम बाईसा की फेफड़े संबंधी बीमारी (अस्थमा) में कार्डियक अरेस्ट और उससे शॉक जनरेट होने की वजह से मृत्यु होने की पुष्टि हो चुकी है। एसआईटी ने साध्वी को लगाए गए इंजेक्शन से होने वाले प्रभाव के बारे में दोबारा राय मांगी थी, जिसकी अंतिम रिपोर्ट में डेक्सोना व डायनापार इंजेक्शन को एक साथ सिंगल सिरिंज में लगाने से मृत्यु होने से इनकार नहीं किया गया। यानी इससे भी जान जा सकती है।
इसलिए लापरवाही बरतने से साध्वी की मृत्यु कारित करने के संबंध में पुलिस ने कम्पाउण्डर के खिलाफ बोरानाडा थाना में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है। एसआईटी प्रभारी सहायक पुलिस आयुक्त (पश्चिम) छवि शर्मा ने बताया कि प्रकरण में कम्पाउण्डर देवीसिंह राजपुरोहित के खिलाफ प्रथम दृष्टया बीएनएस की धारा 106 (1) में एफआईआर दर्ज की गई है। यह धारा लापरवाही बरतने से मृत्यु कारित करने के संबंध में है। जांच शुरू की गई है।
प्रकरण में पुलिस कम्पाउण्डर देवीसिंह राजपुरोहित से पांच बार पूछताछ कर चुकी है। अब एफआईआर दर्ज होने के बाद उससे नए सिरे से पूछताछ की जाएगी। जांच में नए तथ्य सामने आने पर अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं। बीएनएस की धारा 106 (1) जमानती धारा है, जिसमें दोषी पाए जाने पर पांच साल तक की सजा अथवा जुर्माना या दोनों लगाए जा सकते हैं।
गत 28 जनवरी को साध्वी की तबीयत खराब हो गई थी। जुकाम, गला खराब व सांस लेने में तकलीफ होने पर कम्पाउण्डर देवीसिंह को दोपहर 12 बजे कॉल किया गया था, लेकिन वह शाम 5:10 बजे आश्रम पहुंचा। जांच में बीपी नॉर्मल पाया गया था। शाम 5:15 बजे उन्हें डेक्सोना और डायनापार इंजेक्शन एक ही सिरिंज में मिलाकर लगाए गए।
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बीस मिनट बाद साध्वी की तबीयत खराब हो गई थी। गत 12 फरवरी को आई एफएसएल व हिस्टोपैथोलॉजिकल रिपोर्ट के विश्लेषण में मेडिकल कॉलेज ने साध्वी की अस्थमा में कार्डियक अरेस्ट आने से मृत्यु होना बताया था। पुलिस ने इंजेक्शन के रिएक्शन व असर के संबंध में दोबारा राय मांगी थी, जिसकी अंतिम रिपोर्ट में इंजेक्शन से भी मृत्यु होने की संभावना से इनकार नहीं किया गया।
Published on:
18 Feb 2026 02:13 pm
