
अपने लिए जीए तो क्या जीए, तू जी ऐ दिल जमाने के लिए। यह एक मासूम बच्ची के दिल की धड़कन रुकने से बचाने का समय है। शहर के बाशिंदों और भामाशाहों के किसी की मदद करने के जज्बे का एक और इम्तहान का समय आ गया है। मथुरादास माथुर अस्पताल के कार्डियोलॉजी वार्ड के बेड नम्बर 9 पर भर्ती 9 वर्षीय अलीना को अपने ह्रदय में वॉल्व लगाने के लिए पैसों का इंतजार है। हालांकि उसका ऑपरेशन डॉक्टर ने शनिवार को तय किया है, मगर वॉल्व लगाने के लिए पैसे नहीं होने के कारण परिजनों में असमजंस की स्थिति बनी हुई है कि तय तारीख को ऑपरेशन होगा या नहीं। उसके परिवार की माली हालात ठीक नहीं होने के कारण वे उसके ऑपरेशन के लिए पैसा नहीं जुटा पा रहे।
जटिलता यह है कि अलीना की मां का भामाशाह कार्ड तो बना हुआ है, लेकिन उसका नाम खाद्य सुरक्षा योजना के तहत शामिल नहीं किया गया है। भामाशाह कार्ड लिंक नहीं होने के चलते योग्य नहीं माना जा रहा। ऐसे में निशुल्क ऑपरेशन संभव नहीं है। अलीना के पिता का देहांत हो चुका है और मां बिस्मिल्लाह अपनी दोनों बेटियों के साथ अपने लकवा पीडि़त पिता के पास राजीव गांधी कॉलोनी गली नम्बर एक में रह रही है। उनके कुछ परिचित खाने-पानी का इंतजाम भी पैसा जुटा कर कर रहे है।
यह आ रही है समस्या
बिस्मिल्लाह का भामाशाह कार्ड बना हुआ है, लेकिन राशन कार्ड में एनएफएस सर्विस चालू नहीं होने के चलते एक्टिव नहीं हुआ है। ऐसे में उसने समाजसेवी अकबर अली व शहादत अली के सहयोग से राजस्थान उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति से संपर्क किया। सचिव विधिक सेवा समिति ने राशन कार्ड में एनएफएस सर्विस चालू करने के लिए उपखंड अधिकारी को पत्र जारी किया। उपख्ंाड अधिकारी ने खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत अपील की जांच करने के लिए नगर-निगम कार्यालय भेज दिया। निगम कार्यालय से पार्षद के पास वैरिफिकेशन के लिए भेजा गया। पार्षद से वैरिफाई करवा कर लाने में शाम हो गई और कार्यालय बंद हो गया। वहीं शनिवार को अवकाश के चलते कार्रवाई पूरी नहीं हो पाएगी और कार्ड भी लिंक नहीं होगा।