jnvu jodhpur - विवि ने 2012 में कर दिया था गलत फिक्शेसन, ऑडिट रिपोर्ट के बाद अब वसूली की तैयारी- यूडीसी, असिस्टेंट, एआर सहित कई शिक्षकों की फाइलें भी जांची जाएगी, 2018 में 5.48 करोड़ वसूलने के दिए थे नोटिस
जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के 16 अनुभाग अधिकारियों (एसओ) से करीब 90 लाख रुपए की रिकवरी करने की तैयारी की जा रही है। लेखा शाखा ने स्थापना शाखा से इन कर्मचारियों की फाइलें मंगवाई है। अनुभाग अधिकारियों से रिकवरी के बाद वरिष्ठ लिपिक (यूडीसी), सहायक अनुभाग अधिकारी (एएसओ), असिस्टेंट रजिस्ट्रार (एआर) और शिक्षकों से भी रिकवरी की जाएगी।
दरअसल विवि प्रशासन ने 2012 में सचिवालय और हाईकोर्ट कर्मचारियों के समान अपने एएसओ और एसओ को 5000 के स्थान पर 5500 का ग्रेड पे दे दिया। यह वेतनमान 1999 से दिया गया। इसके बाद छठा वेतन आयोग लगने पर 3600 रुपए के योग्य कार्मिकों को 4800 का ग्रेड पे मिल गया। साथ ही कार्मिकों ने एरियर भी उठा लिया। वर्ष 2018 में आई ऑडिट ने प्रत्येक एसओ पर 1.85 लाख से लेकर 2.60 लाख तक की रिकवरी निकाली। विवि ने सभी एसओ को नोटिस भेजे लेकिन हाईकोर्ट से स्टे लेने के कारण विवि रिकवरी नहीं कर पाया।
69 हजार की जगह 60 हजार हुई तनख्वाह
विवि अब सेवानिवृत्त हो रहे और हो चुके कर्मचारियों के पेंशन में नियमानुसार कटौती कर रहा है। पेंशन की जगह प्रोविजनल पेंशन जारी की जा रही है। वर्ष 2020 में सेवानिवृत्त हुए एकेडमिक शाखा के एक एएसओ की 15 महीने बाद प्रोविजनल पेंशन जारी की गई। इसमें उनकी अंतिम तनख्वाह को 69000 से घटाकर 60 हजार कर दिया है। सेवानिवृत्त सभी कार्मिकों की ओर से अधिक उठाए वेतन के पेंशन में अब कटौती की जाएगी।
5.48 करोड़ की करनी थी रिकवरी
वर्ष 2018 की ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार विवि के शिक्षक और गैर शिक्षक कर्मचारियों से 5.48 करोड़ की रिकवरी करनी है। विवि प्रशासन ने राज्य सरकार के नियम विरुद्ध अपने कार्मिकों पर पैसे लुटा दिए थे। रिकवरी की शुरुआत फिलहाल एसओ से हुई है। धीरे-धीरे समस्त कर्मचारियों की फाइलें जांच कर रिकवरी होगी। सातवां वेतन आयोग लगने के बाद यह रिकवरी 10 करोड़ से ऊपर होने की संभावना है।