
कुवैत से लौटने के दौरान विमान के अंदर की तस्वीर (फोटो-पत्रिका नेटवर्क)
जोधपुर। शेरगढ़ क्षेत्र के रायसर गांव निवासी युवक लखसिंह की कुवैत से सुरक्षित भारत वापसी होने पर परिवार और ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। करीब एक वर्ष पहले बेहतर रोजगार की तलाश में विदेश गए लखसिंह को वहां गंभीर प्रताड़ना का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उसके परिजनों और स्थानीय लोगों ने मदद के प्रयास शुरू किए।
लखसिंह ने अपनी आपबीती एक वीडियो के माध्यम से साझा की, जिसमें उसने बताया कि कुवैत में एक शेख के यहां काम करने के दौरान उसके साथ लगातार मारपीट की जाती थी और मानसिक रूप से भी प्रताड़ित किया जाता था। स्थिति इतनी खराब हो गई थी कि वह अपने नियोक्ता के नियंत्रण में आ गया था, जिसने उसका पासपोर्ट अपने पास रख लिया था। इस वजह से वह चाहकर भी भारत वापस नहीं लौट पा रहा था।
काफी कठिन परिस्थितियों के बीच लखसिंह ने किसी तरह अपने परिचित नकतसिंह राठौड़ गड़ा से संपर्क स्थापित किया और अपनी पूरी स्थिति बताई। इसके बाद नकतसिंह राठौड़ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत तक यह जानकारी पहुंचाई और सहायता की मांग की। मामला सामने आने के बाद संबंधित स्तर पर तेजी से कार्रवाई शुरू की गई।
प्रशासनिक प्रयासों और कुवैत स्थित भारतीय दूतावास के सहयोग से लखसिंह को वहां से मुक्त कराने की प्रक्रिया पूरी की गई। आवश्यक कानूनी और औपचारिक कार्यवाही के बाद उसे सुरक्षित भारत भेजा गया। शनिवार को वह अपने घर पहुंचा, जहां परिजनों ने भावुक होकर उसका स्वागत किया।
लखसिंह की सुरक्षित वापसी से पूरे गांव में राहत का माहौल है। ग्रामीणों ने इस कार्य में सहयोग देने वाले सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और दूतावास का आभार जताया। यह मामला एक बार फिर विदेशों में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता की आवश्यकता को उजागर करता है।
Updated on:
02 May 2026 06:34 pm
Published on:
02 May 2026 06:33 pm
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