उन्होंने याचिका में यह भी कहा है कि उनके आवेदन के बावजूद पुनर्मतगणना नहीं करवाई गई।
जोधपुर के जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव में कांटे की टक्कर में एनएसयूआई के प्रत्याशी सुनील चौधरी से हारे एबीवीपी के प्रत्याशी मूलसिंह ने अदालत का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है। ध्यान रहे कि मूलसिंह पहले तीन राउंड में लीड के साथ बढ़ रहे चौथे राउंड के बाद सुनील चौधरी से केवल 146 वोट के अंतर से ही आगे रह गए थे। फिर पांचवे राउंड में बढ़त के सुनील चौधरी ने जीत दर्ज कर ली थी, लेकिन करीब 400 वोट खारिज होने के चलते मूलसिंह 9 वोट से यह चुनाव हार गए। इसलिए अब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पराजित प्रत्याशी मूलसिंह ने राजस्थान उच्च न्यायालय में याचिका पेश करने का निर्णय किया है। उन्होंने इस सम्बंध में बुधवार को राजस्थान हाईकोर्ट कैम्पस में वकीलों के साथ विचार विमर्श किया। मूलसिंह का कहना है कि मतगणना के दौरान गड़बड़ी की गई। वे 400 खारिज मतों को याचिका कर आधार बनाएंगे। मूलसिंह ने मतदान के बाद अंगूठा लगा कर मत खारिज करवाने का भी इल्जाम लगाया है। उन्होंने यह भी कहा है कि उनके आवेदन के बावजूद पुनर्मतगणना नहीं करवाई गई।
सूत्रों के अनुसार पांचवें और अंतिम राउंड में एनएसयूआई के सुनील चौधरी 39 मत से आगे निकल गए। सुनील को 4198 और मूल सिंह को 4159 मत मिले थे। 38 मत खारिज किए गए। बड़ी संख्या में खारिज मतों पर एबीवीपी के मूल सिंह ने आपत्ति दर्ज करवाई। उनका आरोप था कि उनके समर्थन में दिए गए वोट ज्यादा खारिज किए गए हैं। इस बात पर विवाद गहराया तो मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रो. अवधेश शर्मा ने पुनर्मतगणना का फैसला लिया। इस दौरान भारी पुलिस जाब्ता के साथ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर तैनात रहे। इस हंगामे के दौरान बीजेपी व कांग्रेस के नेताओं के एमबीएम कॉलेज के बाहर पहुंचने की बातें भी खासें प्रचलित हुई थीं।
पूरी हुई मतगणना में एपेक्स उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय दिनेश पंचरिया ने एनएसयूआई के प्रवीण कुमार को 2551 वोटों से हराया। महासचिव पद पर एबीवीपी के बबलू सोलंकी ने एनएसयूआई के सोमेश सोलंकी को 828 वोटों से हराया। संयुक्त महासचिव के पद पर एनएसयूआई के मनीष विश्नोई ने एबीवीपी के विकास प्रजापत को 2028 वोटों से हराया। शोध प्रतिनिधि पद पर अर्थशास्त्र विषय के शोधार्थी श्रवण कुमार ने राजेंद्र को महज 3 वोट से हरा कर जीत दर्ज की।