जोधपुर

ACB ने जोधपुर डिस्कॉम के क्लर्क-चालक को दिया ‘झटका’, रिश्वत लेते गिरफ्तार, बोले- सबका हिस्सा होता है

जोधपुर आरटीओ के पास डिस्कॉम में एसीबी की कार्रवाई, सोलर का घरेलू कनेक्शन जारी करने की एवज में ली रिश्वत, एईएन के चालक के मार्फत वाणिज्यिक सहायक ने ली रिश्वत
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Oct 07, 2025
Jodhpur bribery case
पीली टी-शर्ट में चालक फूल सिंह और इनसेट में डिस्कॉम का क्लर्क जितेंद्र सिंह। फोटो- पत्रिका

जोधपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) जोधपुर की स्पेशल विंग (एसयू) ने प्रादेशिक परिवहन विभाग (आरटीओ) के पास जोधपुर डिस्कॉम के सहायक अभियंता कार्यालय में मंगलवार को 35 सौ रिश्वत लेने पर वाणिज्यिक सहायक (सीसी क्लर्क) और चालक को गिरफ्तार किया। इन्होंने सोलर के घरेलू कनेक्शन जारी करने की एवज में यह रिश्वत ली। सहायक अभियंता व कनिष्ठ अभियंता की भूमिका की जांच की जा रही है।

चालक फूलसिंह के मार्फत रिश्वत ली

ब्यूरो की विशेष विंग के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश चौधरी ने बताया कि 35 सौ रुपए रिश्वत लेने के मामले में आरटीओ के पास जीएसएस के वाणिज्यिक सहायक (सीसी क्लर्क) शक्ति नगर निवासी जितेन्द्रसिंह और एईएन के निजी चालक भदवासिया निवासी फूलसिंह को गिरफ्तार किया गया। सीसी क्लब ने चालक फूलसिंह के मार्फत रिश्वत ली।

परिवादी ने शाम को जीएसएस में चालक को 35 सौ रुपए दिए। तभी निरीक्षक मनीष सारण की अगुवाई में एसीबी ने दबिश देकर चालक फूलसिंह और पूछताछ के बाद सीसी क्लर्क जितेन्द्र सिंह को गिरफ्तार किया।

35 सौ मांगने पर टुकड़ों में सत्यापन करवा पाई एसीबी

परिवादी ने अपने घर पर सोलर प्लांट लगवाने के लिए डिस्कॉम में आवेदन कर रखा है। सोलर कनेक्शन के लिए क्लीयरेंस जारी करने के बदले 35 सौ रुपए मांगे थे। उसने सहायक अभियंता के निजी चालक फूलसिंह के मार्फत घूस की मांग की थी। परिवादी ने एसीबी से शिकायत की थी।

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सत्यापन के लिए एसीबी को कई दिन लग गए। टुकड़ों में सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई थी। आरोपियों ने परिवादी से कहा था कि सबको हिस्सा देना होता है। अब एसीबी एईएन व जेईएन की भूमिका की भी जांच कर रही है।

Updated on:
07 Oct 2025 08:10 pm
Published on:
07 Oct 2025 08:09 pm